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Sonebhadra News: राजभवन से सीधे सोनभद्र भेजे गए बद्रीनाथ सिंह, बतौर डीएम पहली तैनाती

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सोनभद्र। जिले के नए डीएम बद्रीनाथ सिंह सोमवार को कार्यभार संभालेंगे। वह चंद्र विजय सिंह की जगह लेंगे। शासन ने शनिवार की देर रात चंद्र विजय सिंह का तबादला अयोध्या के लिए कर दिया था। वह करीब 27 माह बतौर जिलाधिकारी जिले में तैनात रहे।
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शांत और सहज स्वभाव वाले बद्रीनाथ सिंह सीएम योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अफसरों में गिने जाते हैं। वह मूलतः संतकबीरनगर जिले के रहने वाले हैं। बतौर डीएम उनकी यह पहली तैनाती है। वर्तमान में वह राज्यपाल के विशेष सचिव के पद पर तैनात थे। इससे पहले वह बलिया में सीडीओ भी रह चुके हैं। सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी सिद्धार्थनगर में कुलसचिव के पद पर भी काम कर चुके हैं। वह कानपुर में एडीएम और गोरखपुर में नगर आयुक्त भी रहे हैं। बॉटनी से एमएससी बद्रीनाथ सिंह को अगस्त 2020 में आईएएस कैडर मिला था। तब से वह राजभवन में ही तैनात थे। अब उन्हें बतौर डीएम पहली तैनाती दी गई है। उन्होंने बताया कि शासन की प्राथमिकताओं को पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारना प्राथमिकता रहेगी। सोनभद्र पिछड़ा और आदिवासी क्षेत्र है, इसके विकास की गति को तेज करने का पूरा प्रयास रहेगा। इसके लिए जो भी चुनौतियां हैं, उसे दूर करने का प्रयास करेंगे।

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चंद्रविजय सिंह ने निर्विवाद कार्यकाल से जीता सरकार का भरोसा, मिली अयोध्या में तैनाती

- 27 महीने के कार्यकाल में जिले को दिलाई कई उपलब्धियां

बतौर डीएम चंद्रविजय सिंह का जिले में कार्यकाल 27 महीने का रहा है। उनकी तैनाती अप्रैल 2022 में तब हुई थी, जब दोबारा सत्ता में लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी ने तत्कालीन डीएम टीके शीबू को निलंबित कर दिया था। उन पर खनन में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप था। इसके बाद आए चंद्रविजय सिंह के सामने कई तरह की चुनौतियां थी। सरकार के साथ जनता का भरोसा भी जीतना था। अपनी सूझ-बूझ और धैर्य के साथ उन्होंने इस कार्य को बखूबी निभाया। उनकी तैनाती के वक्त आईजीआरएस की रैंकिंग में सोनभद्र 69वें स्थान पर था, जो कुछ माह बाद ही टॉप-10 में आ गया। लंबे समय तक बरकरार भी रहा। ग्राम समाधान दिवस, पर्यावरण संरक्षण के लिए मेरा प्लास्टिक-मेरी जिम्मेदारी अभियान, भूजल संचयन के लिए वाटर पिट रिचार्ज निर्माण जैसे कार्यों से उन्होंने अलग पहचान बनाई। सरकार का भरोसा भी जीता। निर्विवाद रूप से उन्होंने कार्यकाल पूरा किया। यही कारण भी रहा कि उन्हें सोनभद्र से हटाकर अयोध्या जैसे जिले की कमान सौंपी गई है, जिस पर पूरे देश की निगाह है।
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