सावन के लिए शहर से लेकर गांव तक के छोटे-बड़े शिवालय सजने लगे हैं। मंदिरों में साफ-सफाई का काम भी जोरों पर चल रहा है। दस जुलाई को सावन का पहला सोमवार है। इसके मद्देनजर सुरक्षा, चिकित्सा और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई है। गुप्तकाशी में उमा-माहेश्वर का पूजन-अर्चन करने के लिए कांवरिये एवं श्रद्धालुओं को घोरावल से शिवद्वार के बीच अस्थायी रूप से लगे चार बैरियरों (द्वार) को पार करना होगा। विजयगढ़ दुर्ग के नीचे मऊ व शिवद्वार में दवा के साथ स्वास्थ्य कर्मी एंबुलेंस में मौजूद रहेंगे।
सावन माह में शिवद्वार में स्थित उमा-माहेश्वर के दरबार में कांविरयों एवं श्रद्धालुओं की उमडने वाली भीड़ को लेकर जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया है। विजयगढ़ दुर्ग से लेकर शिवद्वार तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से दो जोन और नौ सेक्टर में बांटा गया है। सेक्टर और जोनल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर कांवरियों और श्रद्धालुओं को पूजन-अर्चन के दौरान होने वाली समस्याओं के बारे में डीएम और एसपी को अवगत कराएंगे, ताकि अविलंब समस्याओं का समाधान किया जा सके।
प्रशासनिक और पुलिस के उच्चाधिकरियों की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मियों के कार्य प्रणाली पर नजर होगी। सुरक्षा के मद्देनजर घोरावल के कोहरथा मोड़, भड़कना मोड़, भड़कना मोड़-बर्दिया मार्ग व शिवद्वार में मंदिर के पहले अस्थायी रूप से बैरियरों को लगाया गया है।
यहां पर तैनात पुलिस कर्मी संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी लेंगे और जरूरत पड़ने पर वाहनों के आवागमन पर रोक भी लगाएंगे। मंदिर के गर्भगृह, चौराहे, परिसर समेत अन्य स्थानों पर वीडियो रिकार्डिंग की व्यवस्था की गई है। एसपी आरपी सिंह ने कहा कि डीजे के प्रयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। मातहतों को रोक के बावजूद डीेजे बजते मिलने पर संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है।