घोरावल में पुराने थाना भवन पर हो रहा अवैध कब्जा। संवाद
घोरावल। स्थानीय कस्बे में 170 साल पुराने थाने के खाली भवन और जमीन पर कब्जे की रविवार को कोशिश की गई। मौके पर जुटे लोगों की सभासदों से नोकझोंक भी हुई। लोगों ने जबरन कब्जे का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की। वहीं, चेयरमैन ने जमीन पर नगर पंचायत के मालिकाना हक का दावा किया है।
पिछले हफ्ते से पुराने थाने के भवन और जमीन पर कब्जे की कोशिश से माहौल गरम चल रहा है। क्षेत्र के लोगों की शिकायत पर एसडीएम ने कब्जा करने पहुंचे लोगों को रोक दिया था। रविवार को भी कब्जे का प्रयास शुरू हुआ तो लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि 1872 में घोरावल को टाउन एरिया का दर्जा दिया गया था।
उससे 20 साल पहले यहां थाना स्थापित हो चुका था। आजादी के बाद भी इस भवन में थाने का संचालन होता रहा। नए भवन में थाने का संचालन शुरू होने के बाद कुछ समय तक यहां तहसील का संचालन हुआ। इसके लिए कुछ समय तक पुलिस चौकी संचालित हुई। जमीन में नगर पंचायत की भी हिस्सेदारी होने के कारण सकी देखरेख की जिम्मेदारी नगर पंचायत को सौंप दी गई। संवाद