अगस्त क्रांति के मौके पर रासपहरी स्थित आईपीएफ कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र बचाने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर पारित प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा के आठ साल के शासन में देश में किसान-मजदूर, आदिवासियों व वंचित तबकों पर चौतरफा हमले बढ़े हैं।
आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) के प्रदेश सांगठनिक महासचिव दिनकर कपूर ने कहा कि लाखों लोगों की कुर्बानी और अथक संघर्ष के बाद आजादी मिली। संविधान में मिले नागरिकों के मौलिक अधिकारों की गारंटी को आज छीना जा रहा है। वैश्विक कारपोरेट पूंजी के हमले का मुकाबला करने के लिए आर्थिक राष्ट्रवाद पर जोर देने की जरूरत है। जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका ने कहा कि भाजपा आदिवासी हितैषी होने का ढोल पीट रही है, जबकि इस शासन में आदिवासी समाज लगातार पिछड़ता जा रहा है। उसे जमीन, शिक्षा समेत के संवैधानिक अधिकारों से भी दूर कर दिया गया है। वन संरक्षण संशोधन नियम से आदिवासियों की जमीनों को कारपोरेट संस्थाओं को हड़पने की खुली छूट मिल गई है। इस मौके महंगाई पर रोक लगाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की गारंटी, दुद्धी में आदिवासी छात्राओं के लिए डिग्री कॉलेज, कोल को आदिवासी का दर्जा, सूखे से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने जैसे मुद्दों को उठाया गया। गोष्ठी में शिव प्रसाद गोंड, राम विचार गोंड, मनोहर गोंड, मंगरू प्रसाद, श्याम, दिनेश गोंड, सिंह लाल गोंड, सविता गोंड आदि ने अपने विचार रखे।