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अटेवा ने मृत शिक्षकों की संख्या तीन बताने पर जताई नाराजगी

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सोनभद्र। आल टीचर्स एंड इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) की वर्चुअल मीटिंग बृहस्पतिवार को हुई। इसमें शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के उस बयान की निंदा की जिसमें बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि प्रदेश में चुनावी ड्यूटी के दौरान महज तीन शिक्षकों की मौत हुई है। शिक्षकों ने चेताया कि यदि सरकार चुनावी ड्यूटी के दौरान कोरोना पॉजिटिव होकर मृत शिक्षकों के परिजनों को न्याय नहीं देती है तो आंदोलन किया जाएगा।
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जिलाध्यक्ष राजकुमार मौर्य के नेतृत्व में हुई बैठक में चुनाव के दौरान कोरोना से ग्रसित होकर अपनी जान गंवाने वाले शिक्षकों कर्मचारियों को श्रद्धांजलि दी। शोक प्रकट करते हुए उनके परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की गई। बैठक में अटेवा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रभारी रंजना सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान हजारों शिक्षकों और कर्मचारी कोरोना वायरस से ग्रसित हो गए। हजारों की संख्या में शिक्षक कर्मचारी हॉस्पिटल में भी भर्ती हुए हैं, जिसमें सभी जिलों से आए हुए आंकड़ों के आधार पर करीब कुल 1621 शिक्षकों ने अपनी जान गवां दी। इससे शिक्षकों, कर्मचारियों में काफी भय व रोष व्याप्त है। मंडलीय मंत्री रामगोपाल यादव ने कहा कि विभिन्न संगठनों के अनुरोध के बावजूद सरकार ने मनमाने ढंग से चुनाव कराया तथा लाखों शिक्षकों कर्मचारियों को इसको कोरोना महामारी में मौत के मुंह में झोंक दिया जो कि सरकार का बहुत ही गलत कदम रहा। जिलाध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने कहा कि कुल प्रदेश में मृतक शिक्षक कर्मचारियों की संख्या करीब 1621 है लेकिन सरकार का मानना है कि तीन मृतक शिक्षक की ही मौत हुई है जो संवेदनहीनता का परिचायक है। बैठक में कमलेश कुमार सिंह, साधना सारंग, राजेश कुमार सिंह, बबिता सिंह, राजेश कुमार वैश्य, उमा सिंह, सर्वेश तिवारी, राधेश्याम पाल, मनोज यादव आदि मौजूद रहे।
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