भूजल प्रदूषण के अहम कारक माने जाने वाले राख बांध जल्द ही रोशनी बिखेरते नजर आएंगे। एनटीपीसी सिंगरौली के खड़िया स्थित राख बांध पर 125 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित करने को लेकर केंद्र और एनटीपीसी की तरफ से पहल कर इसकी शुरुआत कर दी गई है।
माह भर पूर्व से इसकी फिजिबिलटी रिपोर्ट तैयार करने का काम जारी है। सब कुछ ठीक रहा तो विधानसभा चुनाव बाद नए वित्तीय वर्ष में इसे मूर्तरूप देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
बताते चलें कि अनपरा परियोजना के राख बांध पर अनपरा डी तापीय परियोजना स्थापित कर राज्य विद्युत उत्पादन निगम नई इबारत रच चुका है। वहीं अब एनटीपीसी राख बांध पर 125 मेगावाट का पावर प्लांट लगाकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को एक नई उपलब्धि देने जा रहा है।
सौ हेक्टेअर से ज्यादा एरिया में स्थापित ऐश डैम में जगह जगह फाउंडेशन बनाकर योजना को मूर्तरूप दिया जाएगा और यहां होने वाली उत्पादित बिजली को नार्दन ग्रिड से जोड़कर इसे प्रदेश के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
फिलहाल इस योजना को नेशनल सोलर कारपोरेशन लिमिटेड और एनटीपीसी मुख्यालय से सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है। पिछले एक माह से इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार कराई जा रही है।
मार्च अंत तक फिजिबिलिटी रिपोर्ट की प्रक्रिया पूर्ण होने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जाएगी, जिसे मंजूरी मिलने के बाद टेंडरिंग की प्रक्रिया अपनाकर इसके स्थापना का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
राख बांध पर निर्मित होने वाली सौर ऊर्जा विद्युत परियोजना, अपनी तरह की प्रदेश की पहली परियोजना है। इस कारण इसे बिना किसी अतिरिक्त जगह का उपयोग किए, बिजली पैदा करने के नए स्रोत के रूप में भी देखा जा रहा है।
एनटीपीसी सिंगरौली के प्रवक्ता आदेश कुमार पांडेय ने भी खबर की पुष्टि की है।