नदी, नालों और जलाशयों का जलस्तर से तेजी से बढ़ने के बाद तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसे देखते हुए डीएम अभिषेक सिंह ने सभी तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदार को बाढ़ से प्रभावित होने वालों को पंचायत भवन, स्कूलों में ठहरने, भोजन आदि का इंतजाम कराने को कहा है। लेखपाल समेत अन्य कर्मियों को क्षेत्रों में कैंप करने का निर्देश दिया गया है। अत्याधिक बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में गोताखोरों को अलर्ट कर दिया गया है।
पिछले चार दिनों से जिले में बारिश ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। रविवार को भी रूक-रूक कर बारिश होती रही। बरसात होने से सोन, बेलन, बकहर, विजुल, रेणु, कनहर, मलिया, घाघर और डोल नदीं का जलस्तर तेजी से बढना शुरू हो गया है। तेज बारिश होने से पहाड़ों का अधिकांश पानी नदियों में चला जा रहा है, इससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने लगेगी है। बेलन नदी का जलस्तर बढने से बिठगांव, मोकरम, पलिया समेत अन्य गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसको लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम ने राबट्र्सगंज के एसडीएम डॉ. केएस पांडेय, घोरावल एसडीएम जैनेंद्र सिंह, ओबरा एसडीएम प्रकाश चंद्र और दुद्धी एसडीएम रमेश कुमार को कटान से प्रभावित होने वाले क्षेत्र, जलभराव एवं जल निकासी वाले क्षेत्रों में जीवनोपयोगी आवश्क वस्तुओं का प्रबंध करने का निर्देश दिया है। उक्त निर्देश के क्रम में उपजिलाधिकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करने में जुट गए हैं।
कंट्रोल रूम स्थापित::
बाढ़ आने की सूचनाएं देने के लिए कलेक्ट्रेट में बाढ़ नियंत्रण कक्ष खोला गया है, जिसका नंबर 05444-222030 है। उधर बंधी प्रखंड द्वितीय राबर्ट्र्सगंज के कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष खोला गया है, जिसका दूरभाष नंबर 05444-222048 है।
अभी बारिश से राहत के आसार नहीं
सोनभद्र। कृषि विज्ञान केंद्र तिसुहीं के मौसम वैज्ञानिक विनीत यादव ने बताया कि अगले तीन-चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। शनिवार रात से रविवार की रात के बीच 24 घंटे में 111.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यह अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है। इससे पहले 28 जुलाई को 82, 30 जुलाई को 74 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी।
सभी एसडीएम और तहसीलदार को बाढ़ से प्रभावित होने वालों को पंचायत भवन, स्कूलों में ठहरने, भोजन आदि का इंतजाम कराने और अत्याधिक बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में गोताखोरों को अलर्ट रखने का निर्देश दिया गया है। लेखपाल समेत अन्य कर्मी क्षेत्रों में कैंप कर बाढ़ पर नजर रखे हुए हैं। -अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी।