ओवरबर्डेन के बीच दुधीचुआ लोडिंग प्वाइंट पर फंसी रेलवे की रैक।
बारिश के चलते एनसीएल में कम कोयला उत्पादन और चरमराई रेलवे की ढुलाई व्यवस्था के चलते अनपरा और लैंको परियोजना में कोयले की स्टाक न के बराबर रह गया है। ओबरा परियोजना को भी दो दिन से कोयला नहीं मिल रहा। इसके चलते जहां अनपरा परियोजना में दो इकाइयां बंद करने के साथ ही अन्य इकाइयों का उत्पादन आधे से अधिक घटा दिया गया। वहीं, ओबरा का भी स्टाक तेजी से घटता जा रहा है।
2630 मेगावाट वाली परियोजना को बुधवार को दस हजार टन से भी कम कोयला मिला। इस कारण स्टाक में महज दस से बारह हजार टन कोयला बचा। इसको देखते हुए गुरुवार की सुबह अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट वाली पहली, दूसरी इकाई बंद कर दी गई। दोपहर बाद पहली को उत्पादन पर लिया गया लेकिन इससे महज 50 मेगावाट बिजली पैदा हुई। तीसरी इकाई पहले से बंद है। 500 मेगावाट वाली चौथी, पांचवीं से क्रमश: 184, 210 मेगावाट ही बिजली उत्पादन लिया गया। 500 मेेगावाट की छठीं इकाई से भी 200 से 250 मेगावाट उत्पादन बना हुआ था। इसी क्षमता की सातवीं इकाई भी बंद कर दी गई है। उधर, 1200 मेगावाट वाली लैंको में 600-600 मेगावाट वाली दोनों इकाइयों से 150-150 मेगावाट बिजली कम पैदा की जाती रही।