अनपरा से जुड़ी सभी ट्रांसमिशन लाइनें रविवार की शाम से चालू हो गईं। इसका असर उत्पादन पर भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को 2630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना का उत्पादन बढ़कर 2345 मेगावाट पहुंच गया। यह उत्पादन इसलिए भी बेहतर है, क्योंकि 210 मेगावाट वाली तीसरी इकाई लगभग दो माह से वृहद अनुरक्षण में पड़ी हुई है। निजी क्षेत्र के लैंको में भी विद्युत उत्पादन सुधरने लगा है। यहां सोमवार रात से मंगलवार दोपहर बाद ढाई बजे तक थर्मल बैंकिंग थमी रही। इस दौरान परियोजना की छह-छह सौ मेगावाट वाली दोनों इकाइयों से पूरी क्षमता से उत्पादन लिया गया।
30 नवंबर को गाजीपुर-बलिया में आए फाल्ट के बाद एक साथ तीन पारेषण लाइनों के ट्रिपिंग और इसके बाद कोहरे के चलते आए दिन किसी न किसी पारेषण लाइन के बंद होने के कारण अनपरा के उत्पादन में गिरावट का क्रम बना हुआ था।
तीन दिन पूर्व कुछ हालात बेहतर हुए तो फिर से दो लाइनें ट्रिप कर गईं। सोमवार को यह लाइन दुरुस्त हुई तो मंगलवार सुबह विद्युत इकाइयों का उत्पादन बढ़ा दिया गया। अनपरा परियोजना के जीएम एके सिंह ने बताया कि फिलहाल 210 मेगावाट की पहली, दूसरी, पांच सौ मेगावाट की चौथी, पांचवीं, छठीं और सातवीं इकाई से 2345 मेगावाट विद्युत उत्पादन जारी है।
वहीं लैंको के यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने भी उत्पादन में सुधार की बात स्वीकार की। हालांकि यहां सोमवार रात साढ़े आठ से मंगलवार को दोपहर बाद ढाई बजे तक ही बैकिंग थमी रही। इसके बाद यहां डेढ़ से दो सौ मेगावाट की थर्मल बैंकिंग शुरू करा दी गई।