पुलिस द्वारा दर्ज किए गए एफआईआर के विरोध में व्यवासियों द्वारा बंद रखी गईं अनपरा बाजार की दुकानें।
बाजार में गत पांच मार्च को अतिक्रमण हटाने के दौरान तोड़ी गई नाली को दुरुस्त करवाने की मांग को लेकर बाजारवासियों की ओर से किए गए प्रदर्शन, जुलूस मामले में पुलिस की ओर से 16 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी का विरोध शुरू हो गया है।
शनिवार को बाजार के सभी व्यवसायियों, दूकानदारों ने बाजार बंद रखा। इसमें चाय-पान, दवा दूकानदारों, ठेला संचालकों के भी शामिल होने से बंदी रही। इसके चलते लोग चाय-पान तक के लिए तरस गए। दवा दूकानें बंद रहने से मरीज परेशान दिखे।
चार दिन पूर्व भाजपा, कांग्रेस, व्यापारी नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर और जुलूस निकाल तोड़ी गई नाली को दुरुस्त कर इसे ढंकवाने की मांग की थी। अगले दिन महिलाओं ने भी कैंडल जुलूस निकालकर आवाज उठाई थी। उनका कहना था कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गलत तरीके से नाली तोड़ गई थी। इससे कूड़ा डाले जाने से जहां नालियां जगह-जगह जाम हो गई हैं।
वहीं दुर्गंध उठने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए नाली दुरुस्त कराने की पहल तो नहीं हुई, अलबत्ता रेणुसागर चौकी में तैनात पुलिसकर्मी कमला यादव ने गत गुरुवार को 16 के खिलाफ अनपरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी।
शुक्रवार को जब यह बात बाजार के लोगों को लगी तो हड़कंप मच गया। इसे पुलिस और प्रशासन की जनविराधी कार्रवाई बताई। व्यापार मंडल के लोगों को कहना था कि एफआईआर वापस लेते हुए तोड़ी गई नाली को दुरुस्त नहीं कराया गया तो पूरे जिले में आंदोलन छेड़ा जाएगा।