हजार मेगावाट वाली अनपरा डी की लगभग एक माह से अनुरक्षण के चलते बंद पड़ी पांच सौ मेगावाट वाली पहली इकाई शुक्रवार को लाइटअप कर ली गई। ऊर्जा जगत के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है। शनिवार को इस इकाई से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना की इसी क्षमता वाली दूसरी इकाई पहले से उत्पादन पर है। हालांकि उस इकाई को कामर्शियल लोड पर न होने के कारण, अभी क्षमता से कम उत्पादन लिया जा रहा है।
करीब एक माह पूर्व पहली और दूसरी दोनों इकाइयों को एक साथ अनुरक्षण पर लिया गया था। दूसरी इकाई लगभग एक सप्ताह से उत्पादन पर है। वहीं पहली इकाई का कुछ काम शेष रह गया था। जिसे पूर्ण करने के बाद इकाई को शुक्रवार को दोपहर बाद तीन बजे के करीब लाइटअप कर लिया गया। सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी इकाई को लाइटअप होने की पुष्टि की। बताया कि इकाई को उत्पादन पर लेने के लिए कवायद जारी है। शनिवार को इकाई को उत्पादन पर आने की पूरी उम्मीद है।
बता दें कि अनपरा डी की पहली इकाई कामर्शियल लोड पर ली जा चुकी है। इस कारण इस इकाई को बंद होने का सीधा असर परियोजना के पीएलएफ (कुल क्षमता के मुकाबले होने वाला उत्पादन प्रतिशत में) पर पड़ता है। अगस्त में कम पीएलएफ के चलते मुख्य महाप्रबंधक को आरोप पत्र तक झेलना पड़ा है। जबकि यह परियोजना राज्य की सबसे बड़ी परियोजना के साथ, उत्पादन के मामले में भी सबसे बेहतर रही है। यहीं कारण है कि पहली इकाई जब शुक्रवार को लाइटअप हुई तो जिम्मेदारों ने काफी राहत महसूस की। अब इस इकाई को उत्पादन पर आने के साथ ही, इससे पूर्ण क्षमता से लगातार उत्पादन का इंतजार किया जा रहा है। ताकि पीएलएफ में पूर्व की भांति बेहतर सुधार दिखना शुरू हो जाए। समाचार दिए जाने तक अनपरा परियोजना में 1019, अनपरा डी में 340, ओबरा में 317, पनकी में 170, पारीक्षा में 952, हरदुआगंज में 488 कुल 3286 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी।