डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के घटक दल की संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष इं. जीवी पटेल ने गुरुवार को कहा कि एक हजार मेगावाट वाली अनपरा डी की सफलता ही उत्पादन निगम का बेहतर भविष्य तय करेगी।
बावजूद निगम प्रबंधन ने न तो सही तरीके से मैन पावर की प्लानिंग की, न ही यहां दूसरी परियोजनाओं से स्थानांतरित किए जा रहे कर्मियों को प्रशिक्षण देने की जरूरत समझी गई।
अब भी ध्यान नहीं दिया गया तो हरदुआगंज की तरह यहां भी स्थिति बन सकती है जो उत्पादन निगम के लिए नुकसानदेह साबित होगी।
विदेशी अतिथि गृह में श्री पटेल ने पत्रकारों से कहा कि हरदुआगंज में 660 मेगावाट, पनकी में 660 मेगावाट की इकाई पर काम जारी होने और करछना में निगम की ओर से 1320 मेगावाट का पावर
प्लांट लगाए जाने की कवायद के बावजूद अनपरा डी को लेकर सही प्लानिंग न होना चिंता का विषय है। अनपरा डी के लोकार्पण के लिए 31 को सूबे के मुखिया अखिलेश यादव पहुंच रहे हैं,
बावजूद अनपरा ए, बी और प्रदेश की दूसरी परियोजनाओं से स्टाफों का स्थानांतरण कर जैसे-तैसे हालात संभालने की कोशिश हो रही है। बताया कि निगम प्रदेश भर में 653 पदों पर भर्ती की तैयारी किए हुए है।
अनपरा डी को करीब सवा दो सौ कर्मियों की जरूरत है, जिसको लेकर अब तक प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए थी। कहा कि अनपरा अ तापगृह की इकाइयों का तीन साल से वार्षिक अनुरक्षण नहीं हुआ है।
अन्य परियोजनाओं की भी कुछ यहीं स्थिति है। अनुरक्षण के दौरान स्पेयर्स समय से न उपलब्ध कराने, उपलब्ध पार्ट्स की गुणवत्ता सही न होने जैसी समस्या चुनौती बनी हुई है।
इन कमियों को सुधार लिया जाए तो राज्य उत्पादन निगम की स्थिति एनटीपीसी से भी बेहतर हो जाएगी। इस मौके पर इं. रामजनम यादव, इं. हरिशंकर चौधरी, इं. जनार्दन पांडेय, इं. सत्यम यादव, इं. आशुतोष द्विवेदी, इं. अवधेश पटेल, इं. अरुण कुमार चौरसिया, इं. एसबी श्रीवास्तव, इं. सुरेश सिंह आदि मौजूद रहे।