कृषि उपजों का उचित दाम दिए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में किसानों ने एक दिवसीय धरना दिया। भारतीय किसान संघ के बैनर तले धरने पर बैठे किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को कोसा।
कहा कि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई, तो हम वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मांगों काज्ञापन एडीएम मनीलाल यादव को सौंपा गया।
संघ के जिलाध्यक्ष रामजी सिंह मौर्य की अगुवाई में सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रांत संरक्षक फूलचंद्र सिंह पटेल ने कहा कि भारत किसानों का देश है।
देश का दुर्भाग्य है कि अब तक किसानों के हित में नीतियां नहीं बनाई गई। देश के 70 प्रतिशत आबादी को रोजगार खेती से मिलता है। फिर भी किसानों की उपेक्षा की जा रही है।
कहा कि किसान खुशहाल होगा तभी देश खुशहाल होगा। प्रांतीय अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि किसानों की बदहाली के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार जिम्मेदार है।
कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। किसानों ने बड़ी मेहनत से बासमती धान की खेती की थी। लेकिन वर्तमान में बासमती धान का क्रय करने वाला कोई नहीं है।
बासमती धान को उचित मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था नहीं की गई, तो किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर सदानंद सिंह, सियाराम सिंह, नागेश्वर तिवारी, सुशील मिश्रा, रमाशंकर निषाद, महेंद्र जायसवाल, बिमलेश सिंह, लवकुश पाठक, प्रभुपाल सिंह मौजूद रहे।