पोषाहार मामले की जांच करने पहुंची टीम के सामने नाराजगी जताते ग्रामीण। - स्रोत जागरूक पाठक
सोनभद्र्र। कोन ब्लाॅक के खेमपुर गांव में ग्रामीणों ने 124 बच्चों के तीन महीने के पोषाहार वितरण में धांधली का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पर शिकायत की। शिकायत को गलत ठहराते हुए निस्तारण करने पर ग्रामीण नाराज हो गए। ब्लॉक पहुंचे 35 से अधिक ग्रामीणों ने बीडीओ जितेंद्र नाथ दूबे को शिकायती पत्र सौंपा और जांच के साथ ही नए कार्यकर्ता की तैनाती की मांग की। बीडीओ ने तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए खेमपुर भेजी। वहां भी ग्रामीणों ने चार घंटे तक हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना था कि नवंबर से जनवरी के बीच अधिकांश बच्चों का पोषाहार नहीं दिया गया है। कई बार शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हुई। आईजीआरएस पर शिकायत का एकपक्षीय निस्तारण किया गया। केंद्रों की जांच के लिए गत 13 मार्च को पहुंची सुपरवाइजर से शिकायत की गई तो ग्रामीणों को धमकी दी गई। बीडीओ के यहां प्रधान सरफराज के साथ पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि सुपरवाइजर ने ग्रामीणों को धमकी दी, प्रधान ने एतराज किया तो उन्हें भी खरी-खोटी सुनाई गई।
वितरण रजिस्टर से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। इसके बाद एडीओ पंचायत सुनील कुमार, एडीओ एसटी राकेश कुमार मौर्य और सीडीपीओ महेंद्र कुमार की टीम बनाकर जांच के लिए भेजी गई।
दो दिन पूर्व जांच के लिए टीम पहुंची तो ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना ही पड़ा। चार घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। किसी तरह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया। मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जो भी स्थिति सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - जितेंद्र नाथ दूबे, बीडीओ कोन।
तीन माह के पोषाहार वितरण में गड़बड़ी की गई है। कई बार संबंधितों को समझाया। लेकिन उल्टे इस पर सवाल उठाए जाने लगे। पोषाहार दुकान पर बेचने की भी जानकारी मिली है। जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण कलेक्ट्रेट जाएंगे। - सरफराज अली, प्रधान खेमपुर।