जाति प्रमाण पत्र मामले में मिली राहत
सांसद ने दावा किया कि उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर विपक्ष की ओर से जो भ्रम फैलाया जा रहा था, वह जांच में साफ हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर चंदौली के डीएम के नेतृत्व में गठित समिति की जांच में स्पष्ट हो चुका है कि उनकी जाति खरवार अनुसूचित वर्ग में ही है। इसी प्रमाण पत्र पर वह पूर्व में इसी सीट से सांसद रहे हैं। विपक्ष के लोग राजनीतिक द्वेष में जनता को भ्रमित कर रहे थे।