सदन में शनिवार को पेश आम बजट को चिकित्सक, व्यवसायी, आमजन, गृहणी, शिक्षिका सभी ने निराशाजनक बताया है। डिबुलगंज चिकित्सालय के प्रभारी डा. बीके सिंह कहते हैं कि बजट से बहुत उम्मीदें थीं,
लेकिन नौकरीपेशा तो निराश हुए ही, दवाओं की कीमत बढ़ाकर मरीजों की भी जान मुश्किल में डाल दी गई। आयुर्वेद चिकित्सक डा. शरद पांडेय ने बजट को जनविरोधी बताया।
व्यवसायी राजेश यादव ने बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। वहीं फिरतू यादव ने कहा कि कुछ चीजों को छोड़ दें तो इस बजट ने हर कदम पर टैक्स और महंगाई का तोहफा ही थमा दिया।
हरदेव सिंह, दिलीप कुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, जेपी द्विवेदी ने कहा कि एंबुलेंस सर्विस को सस्ता करना सही कदम है, लेकिन मोबाइल और पानी की बोतल तक सस्ती कर आम आदमी, खासकर मध्यमवर्ग की राह दुश्वार कर दी गई है।
गृहणी सुषमा सिंह, मीरा मिश्रा, अंजालिका का कहना था कि बजट से उम्मीद है कि काफी कुछ सस्ती होंगी लेकिन सर्विस टैक्स बढ़ाने के साथ आम जरूरत की कई चीजों को महंगा कर, लोगों को महंगाई का दंश झेलने की तरफ धकेल दिया है।