मौत के मुसाफिर नाम से ह्वाट्सएप स्टेटस लगाने वाले अली रजवी के खतरनाक मंसूबों से घरवालों ने बेखबर होने का दावा किया है। उनका कहना है कि वह कुछ वर्ष पहले मजदूरी के लिए मुंबई गया था। माना जा रहा है कि उसी दौरान वह कट्टरपंथियों के संपर्क में आया होगा।
सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के खैराही गांव निवासी अली रजवी को हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या और शरिया कानून लागू करने की साजिश रचने वालों के साथ एटीएस ने गिरफ्तार किया है। मां नजीमुन निशा ने बताया कि वह पिछले रमजान में घर आया था। उसी दौरान सड़क हादसे में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया था। इसके कारण एटीएस के हत्थे चढ़ने तक वह घर में ही था। मां ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। ऐसे में उनका बेटा इस तरह के कदम उठा लेगा? यह समझ में नहीं आ रहा।