सोनभद्र। जिले के सभी आठ ब्लॉकों में संचालित कुल 67 सहकारी समितियों में से ज्यादात्तर समितियों पर इस समय यूरिया की किल्लत बनी हुई है। इससे किसान धान की फसल में यूरिया नहीं डाल पा रहे है। सहकारी समितियों पर यूरिया लेने जा रहे किसान उल्टे पांव लौट रहे हैं।
आंकड़ों पर ध्यान दें तो लक्ष्य से अधिक अब तक यूरिया की खपत हो चुकी है, बावजूद इसके सभी किसानों को यूरिया नहीं मिल सका है। समितियों पर यूरिया की मांग को देखते हुए जल्द ही यूरिया की रैक मिर्जापुर से मंगाने की कवायद की जा रही है। राबर्र्ट्सगंज ब्लॉक अन्तर्गत संचालित सहकारी समिति सजौर, सेहुंआ सहित दो दर्जन से अधिक समितियों पर यूरिया की किल्लत बनी हुई है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि पीसीएफ की 62 और संघ की सात समितियों से उर्वरक का व्यवसाय किया जा रहा है। इस समय ज्यादात्तर समितियों पर यूरिया उपलब्ध है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। कुछ केंद्रों पर यूरिया सीमित मात्रा में ही बचा है, जिससे सभी किसानों को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। समितियों पर यूरिया की मांग को देखते हुए एक रैक यूरिया मंगाई गयी है। तीन-चार दिन के अंदर यूरिया सहकारी समितियों पर भिजवा दी जायेगी। उन्होंने बताया कि समय से चेक जमा नहीं करने तथा कागजी कार्रवाई पूरा नहीं होने के नाते कुछ समितियों पर यूरिया की किल्लत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल के लिए जिले में कुल 12427 एमटी यूरिया का लक्ष्य है। अब तक 11237 एमटी यूरिया सहकारी समितियों पर उपलब्ध करा दी गयी है। इसमें 1656एमटी कृभको और 617एमटी इफको यूरिया है। मांग को देखते हुए बाकी 1089एमटी यूरिया की रैक मंगाई गई गयी है।
सोनभद्र। पीसीएफ के जिला प्रबंधक धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि रबी सीजन के 2368 एमटी यूरिया सुरक्षित रखा गया है। सहकारी समितियों पर रबी की फसल के लिए उपलब्ध करायी जायेगी।