रेणुकूट/ओबरा। दो दिन से बारिश थमने के बाद रिहंद जलाशय में पानी आने का क्रम थमा है। इसके चलते बांध के खुले सात में से चार गेट को शुक्रवार की दोपहर में बंद कर दिया गया। अन्य तीन गेटों से अब भी पानी ओबरा बांध में छोड़ा जा रहा है। उधर, पानी आने की गति कम होने के बाद ओबरा बांध के भी दो गेट बंद किए गए। दोनों बांधों से जुड़ी पन बिजली इकाइयाें का पूरी क्षमता से संचालन जारी है।
सिंचाई विभाग रिहंद प्रखंड के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि कैचमेंट एरिया में बंद हुई बारिश के कारण बांध में पानी आने की रफ्तार कम हुई है। इससे बांध का जलस्तर भी कुछ नीचे गया है। शुक्रवार की शाम 4 बजे तक बांध का जलस्तर 868.6 फीट दर्ज किया गया। बांध के पांच गेट को 5 फीट खोलकर पानी निकासी की जा रही है इसके अलावा सभी छह टरबाइनों को चलाकर भी लगभग 18 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि अगर बारिश नहीं हुई तो जल्द ही बांध के गेट को बंद कर दिया जाएगा। उधर, पानी का दबाव कम होने पर ओबरा बांध के दोपहर लगभग डेढ़ बजे ओबरा बांध के भी दो गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद लगभग 32 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि ओबरा बांध का जलस्तर 192.80 मीटर पर है। ओबरा जल विद्युत से तीनों इकाइयों को चलाकर 87 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। रिहंद बांध एवं ओबरा बांध के जल स्तर बढ़ने के बाद शुक्रवार को मुख्य अभियंता सोन सिद्धार्थ कुमार सिंह ने पिपरी स्थित रिहद बांध एवं ओबरा बांध का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिम्मेदारों को बांध के रख रखाव सहित जलस्तर पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया।