उरमौरा स्थित विंध्य कन्या महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि प्रख्यात उपन्यासकार नासिरा शर्मा ने छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि भगवान के बाद महिलाओं का स्थान होता है। क्योंकि महिलाओं में ही भगवान की तरह पैदा करने क्षमता होती है। ऐसे में जननी भगवान के स्वरूप में होती है।
कहा कि उत्पत्ति की क्षमता होने के बाद भी लड़कियों को समाज में स्वतंत्रता नहीं प्राप्त है, ऐसे में औरत भ्रमित रहती है। पिता और पति के बाद भी स्त्रियों का एक घर होता है, वह है उनका सपना जिसे स्वयं उन्हें पूरा करना होता है। उन्होंने कहा कि जिंदगी साहित्य की तरह है, ऐसे में सपने साकार करने के लिए साहित्य के रुप में साकार करें।
क्योंकि साहित्य का जीवन सार्थक होता है। बाजारू होने पर सपने धराशायी हो सकते है। कहा कि वो रिश्ते बेमानी है जिसमें ईमानदारी से प्यार और सच्चाई का समावेश न हो। ऐसे में रिश्ते संभालने मुश्किल होते हैं। आज के समय में पति-पत्नी दोनों एक दूसरे से ज्यादा मोबाइल को समय दे रहे हैं।
इसका परिणाम है कि तलाक की घटनाएं बढ़ रही हैं, साथ ही दोनों तनहा रहने को विवश है। उन्होंने छात्राओं से अपने बचपन की स्मृति का सांझा किया। उन्होंने बताया कि यह किस्सा तब का है जब वो कक्षा नौ की छात्रा थीं। उस वक्त हमने दो सपने देखें, आज दोनों साकार हुए। पहला शिक्षक और दूसरा लेखक बनने का था।
इसके पश्चात छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की। इसमें गीत, संगीत, एकांकी, नृत्य, आदि शामिल था। इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने बीएड विभाग का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में सीएमओ यूके वर्मा, डीएन सिंह, सुनील विक्रम सिंह, डा. संजय सिंह, डा. बी सिंह, डा. अनुपमा सिंह, अजय कुमार सिंह, प्राचार्य डा. अंजलि विक्रम सिंह, मुनीर बक्श आलम आदि उपस्थित थे।