सोनभद्र। कलेक्ट्रेट के बाद अब विकास विभाग से जुड़े नौ अन्य विभाग भी ई-ऑफिस से जुडे़ंगे। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों-कर्मचारियों के डिजिटल हस्ताक्षर शासन को भेजे गए हैं। जल्द ही इन विभागाें में इस सेवा की शुरुआत होगी। ई-ऑफिस से फाइलों को लंबे समय तक एक ही जगह नहीं रोका जा सकेगा। अफसर, कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी।
सरकारी विभागों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-ऑफिस भी इसी का हिस्सा है। इसके तहत विभाग का सारा ब्योरा ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध रहेगा। कर्मचारियों पर निजी हित में पत्रावली को जानबूझकर लंबित रखने के आरोप लगते रहे हैं। इसके अलावा अफसरों के विभिन्न कार्यक्रमों व बैठकों में व्यस्तता के कारण भी पत्रावलियों का समय से निस्तारण नहीं हो पाता। ई-ऑफिस व्यवस्था में ये समस्याएं नहीं रहेंगी। कौन सी फाइल कब प्राप्त हुई और उसे किस कर्मचारी ने कितने समय में निस्तारित करते हुए आगे बढ़ाया है, इसकी निगरानी रहेगी। साथ ही डिजिटल सिग्नेचर के जरिये अधिकारी उसे कहीं से भी स्वीकृति या निर्देश के साथ आगे बढ़ा पाएंगे। पहले चरण में यह व्यवस्था अभी सिर्फ कलेक्ट्रेट भवन में संचालित कार्यालयों में लागू की गई थी। अब दूसरे चरण में विकास कार्यक्रमों से जुड़े नौ विभागों को इसके दायरे में लाने की योजना है।
इसमें मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला बचत विभाग, मनरेगा, एनआरएलएम, अल्पसंख्यक कल्याण, कौशल विकास विभाग, अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित नौ विभाग शामिल हैं। इसके लिए सभी पचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। कर्मचारियों का ब्योरा शासन को भेजा जा चुका है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतपाल वर्मा के मुताबिक अगले सप्ताह से इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद तीसरे चरण में अन्य विभाग ई-ऑफिस के दायरे में आएंगे।