घोरावल। तहसील में व्याप्त समस्याओं को लेकर तहसील अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष जय सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को बार भवन में अधिवक्ताओं की बैठक र्हुई। इसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि अगर समस्याएं दूर नहीं हुईं तो 21 सितंबर से अधिवक्ता अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
अध्यक्ष जय सिंह ने कहा कि न्यायालय तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रजिस्ट्रार कार्यालय, सर्वे न्यायालय के न्यायालयों व कार्यालयों में लाक डाउन के बाद से अब तक कोई भी कार्य सुचारू रूप से नहीं हो रहा है। इससे वादकारियों व अधिवक्ताओं में रोष है। तहसीलदार घोरावल के न्यायालय व कार्यालय में नियमित रूप से समयानुसार कोई भी कार्य नहीं हो रहा है। फरवरी, मार्च व अप्रैल की सामान्य पत्रावलियों में अब तक आदेश नहीं हुआ न ही वर्तमान की पत्रावलियों में पेशकार मनमाने तरीके से पत्रावलियों की समयावधि न देखकर मनमाने तरीके से पत्रावलियों में आदेश कराया जा रहा है। नायब तहसीलदार का पावर कई महीने से सीज होने से उनके न्यायालय व कार्यालय का कार्य पूर्ण रूप से बंद है। रजिस्ट्रार कार्यालय तथा अभिलेखागार में भी सुचारू रूप से काम न होने से वादकारियों को काफी दिक्कतें हो रही है। सर्वे न्यायालय ओबरा में घोरावल तहसील की पत्रावलियों का भी निस्तारण लॉक डाउन के बाद से कार्य बंद है। इन समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा गया था पर उस पर अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। एसडीएम को प्रस्ताव देकर कहा है कि यदि 21 सितंबर को सुबह तक इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उसी दिन 11 बजे से अधिवक्तागण अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर आदिनाथ मिश्रा, राम किंकर पाठक, रामअनुजधर द्विवेदी, सच्चिदानंद चौबे, राजेंद्र पाठक, गोविन्द नारायण झा, गोपाल सिंह, प्रयाग दास, राजेश सिंह, मदन गोपाल सिंह, हरिप्रकाश वर्मा, अरविन्द सिंह, रामलाल राही मौजूद रहे।