पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने सोनभद्र के अपर जिला पंचायत राज अधिकारी विनोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर कूटरचित तरीके से गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार नौकरी करने, अपने पुत्र का भी फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। निदेशक ने सीडीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। विनोद को डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय विंध्याचल मंडल से संबद्ध किया गया है और उनकी जांच डिप्टी डायरेक्टर पंचायत राज वाराणसी को सौंपी गई है।
पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने अपने आदेश में लिखा है कि सीडीओ की उपलब्ध कराई गई जांच रिपोर्ट के अनुसार अपर जिला पंचायत राज अधिकारी विनोद कुमार के पिता माताफेर कहार पुत्र श्रीपति कहार जनपद प्रतापगढ़ में परिषदीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे, जिनकी सेवा पुस्तिका में जाति के कालम में कहार जाति दर्ज है।
इनके पिता की मृत्यु सेवाकाल में ही वर्ष 1977 में हो जाने के फलस्वरूप मृतक आश्रित कोटे से विनोद कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार पुत्र स्व. माताफेर कहार की जिला प्रतापगढ़ में परिषदीय विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी के पद पर शासकीय सेवा प्राप्त कर सेवारत हैं।
जबकि विनोद कुमार ग्राम व पोस्ट सराय भीमसेन (बरईपुर) विकास खंड मान्धाता तहसील सदर जिला प्रतापगढ़ के निवासी हैं एवं कहार जाति हैं जो अन्य पिछड़ा वर्ग के श्रेणी में है। लेकिन विनोद कुमार द्वारा अनुसूचित जाति का कूटरचित जाति प्रमाण पत्र का प्रयोग शासकीय सेवा प्राप्त करने के लिए किया।
उन्होंने अपने पुत्र प्रदीप कुमार का अनुसूचित जनजाति का कूटरचित प्रमाण पत्र बनवाकर शासकीय सेवा (ग्राम विकास अधिकारी) का लाभ दिलाया। इस प्रकार उनके द्वारा उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत अनैतिक कृत्य किया गया।
इस पर पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने अपर जिला पंचायत राज अधिकारी विनोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उन्हें मंडलीय उपनिदेशक कार्यालय मिर्जापुर मंडल से संबद्ध कर दिया है। साथ ही उनके प्रकरण की जांच उपनिदेशक वाराणसी मंडल को सौंपा है। एडीपीआरओ के निलंबन की पुष्टि डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने की है।
गलत तरीके से दुकान को बहाल के आरोप में डीएसओ निलंबित
आजमगढ़ जनपद के जिला पूर्ति अधिकारी को शासन की ओर से निलंबित कर दिया गया है। डीएसओ देवमणि मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई के लिए तत्कालीन कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने शासन को संस्तुति भेजी थी। देवमणि मिश्रा के खिलाफ गलत तरीके से एक दुकान को बहाल करने समेत कई अन्य आरोप लगे थे। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने निलंबन की पुष्टि की है।