जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अध्ययनरत पांच वर्ष तक के करीब दो लाख 15 हजार बच्चों में से अब तक सिर्फ लगभग एक लाख ही बच्चों का आधार कार्ड बना है। जबकि कार्यदायी संस्था को 31 मार्च 2016 तक बच्चों का आधार कार्ड बनाना था। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सीएसीएसपीबी इंडिया लिमिटेड कार्यदायी संस्था के लापरवाही और इंटरनेट की समस्या से लगभग 1.15 लाख बच्चों का आधार कार्ड नहीं बनने की रिपोर्ट शासन को भेजी है।
बता दें कि मार्च माह में आधार नामाकंन योजना के तहत राबर्ट्र्सगंज, नगवां, चतरा, घोरावल, चोपन, दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक क्षेत्र में स्थित 1825 आंगनबाड़ी केेंद्रों पर अध्ययनरत व गांवों के शून्य से पांच वर्ष के लगभग दो लाख 15 हजार बच्चों का आधार कार्ड बनाने का कार्य शुरू हुआ। इसके लिए शासन ने सीएसीएसपीबी इंडिया लिमिटेड संस्था को नामित करते हुए उसे हरहाल में 31 मार्च, 16 तक सभी बच्चों का आधार कार्ड बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन 18 मई, 2016 तक लगभग एक लाख बच्चों का ही कार्ड बन सका है। यह हाल तब है जब सभी सीडीपीओ आधार कार्ड बनाने की मानिटरिंग कर रहे हैं।