दुद्धी सीएचसी पहुंचाने से पहले ही मरीज को एंबुलेंस से सड़क पर उतारने के मामले में बुधवार को टीम जांच के लिए पहुंची। आरोपी एंबुलेंस कर्मी, सीएचसी अधीक्षक, पीड़ित मरीज सहित अन्य पक्षों से मिलकर घटना की जानकारी ली गई।
दावा किया कि जांच में पैसे लेने के आरोपों से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं मिला। मरीज को अस्पताल की बजाय रास्ते में उतारने में लापरवाही मानते हुए ईएमटी काे छुट्टी दे दी गई। विंढमगंज थाना क्षेत्र के डुमरा गांव निवासी आनंद कुमार कुशवाहा की मंगलवार को दोपहर में तबीयत खराब हो गई थी।
वह अपने बेटे के साथ डायल 108 से दुद्धी सीएचसी पहुंचा। आरोप है कि हॉस्पिटल के भीतर जाने के पहले एंबुलेंस कर्मी ने उससे 600 रुपये की मांग की। मरीज ने रुपये नहीं दिए तो उसे हॉस्पिटल की काॅलोनी परिसर के सड़क पर ही उतार दिया गया।
मरीज आनंद कुमार कुशवाहा ने सड़क पर लेटे हुए स्थिति में हंगामा खड़ा कर दिया। खबर छपने के बाद बुधवार को एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी संदीप ने सुपरवाइजर को जांच के लिए भेजा।
सुपरवाइजर वरुण यादव के मुताबिक मामले में सभी पक्षों से मिलकर जानकारी ली गई। पैसे के आरोपों से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला। मरीज को अस्पताल के बाहर छोड़ने में लापरवाही सामने आने पर ईएमटी को ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया।