स्थानीय रेलवे स्टेशन पर क्लर्क पद पर तैनात एक युवती पर शुक्रवार की रात 11 बजे नकाबपोश दो युवकों ने तेजाब फेंक दिया। यह घटना ड्यूटी से लौटते समय हुई। संयोग था कि स्कूटी की गति तेज होने पर महिला के चेहरे पर तेजाब नहीं पड़ा। इस मामले में पुलिस ने छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़िता चोपन थाना क्षेत्र की रहने वाली है। पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थनापत्र में उसने कहा है कि वह शुक्रवार की रात 11 बजे ड्यूटी से स्कूटी से लौट रही थी तो नकाबपोश दो युवकों ने उसके ऊपर तेजाब फेंका। उस वक्त वह दुपट्टे से मुंह बांधी थी, स्कूटी की गति तेज थी, इसलिए उसका चेहरा बच गया लेकिन तेजाब के छींटे पड़ने से उसके कपड़े कई जगह जल गए। पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस से शिकायत की गई लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और एसिड अटैक के मामले में मुकदमा दर्ज न करके छेड़खानी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
चोपन थाने में छेड़खानी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़िता अपने चाचा के साथ एसपी कार्यालय पहुंची थी। वहां प्रार्थनापत्र देने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। वहां कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर पुन: मेडिकल कराने और उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का अनुरोध किया।
सीओ सिटी कर रहे हैं मामले की जांच
महिला रेलकर्मी के साथ हुई घटना की प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मामला एसिड अटैक का नहीं पाया। फिर भी पुलिस अधीक्षक ने सीओ सदर राजकुमार तिवारी को मामले की जांच का निर्देश दिया है। जांच अधिकारी सीओ ने बताया कि मामले की जांच हो रही है। वैसे चिकित्सकीय परीक्षण में ऐसे एसिड अटैक की पुष्टि नहीं हुई है। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।