चोपन (सोनभद्र)। फर्जी ई-प्रपत्र के जरिए सरकारी राजस्व को 1.40 करोड़ का चूना लगाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 1.88 लाख रुपये भी बरामद हुए। इस मामले में पुलिस को उससे पूछताछ में कई अहम जानकारियां भी मिली हैं। इसके आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है।
सीओ सिटी राहुल पांडेय ने बताया कि गत 27 मई को ज्येष्ठ खान अधिकारी आशीष कुमार ने चोपन थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि भंडारण लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से ई-प्रपत्र सी जनरेट कर राज्य सरकार को रायल्टी व खनिज मूल्य सहित लगभग एक करोड़ 39 लाख 4 हजार 640 रुपये के सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाई गई। इसमें एस. कंस्ट्रक्सन एंड सप्लायर्स बिल्ली मारकुंडी के पार्टनर सत्य प्रकाश केशरी निवासी शिवनगर काॅलोनी ओबरा, मां दुर्गा माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन मीतापुर के गणेश कुमार अग्रवाल निवासी राम मंदिर काॅलोनी ओबरा, इसी फर्म के कम्प्यूटर ऑपरेटर श्याम कुमार प्रजापति निवासी जूड हरचन जिला चंदौली, आशुतोष मिश्रा निवासी गौरव नगर चोपन, रविकांत पांडेय निवासी अहरौरा व अन्य अज्ञात के विरुद्ध धारा जालसाजी, गबन, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की थी।
विवेचना चौकी प्रभारी डाला एसआई राजेश प्रताप सिंह कर रहे हैं। विवेचना के दौरान मास्टर माइंड के रूप में दीपचंद द्विवेदी निवासी विसुंदरपुर सिविल लाइन थाना कोतवाली मिर्जापुर का नाम भी सामने आया। उसी के जरिए फर्जी तरीके से प्रपत्र तैयार कर रविकांत पांडेय के माध्यम से आशुतोष मिश्रा को दिया जाता था। सीओ ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर सोमवार की सुबह आरोपी रविकांत पांडेय को छपका से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से फर्जी ई-प्रपत्र सी की बिक्री के बदले कमीशन के रूप में मिले 1.88 लाख रुपये व एक मोबाइल भी बरामद हुआ है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में चोपन एसओ विश्वनाथ प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी डाला राजेश प्रताप सिंह आदि शामिल रहे।