सोनभद्र। करीब साढ़े सात साल पुराने नाबालिग के साथ दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी नीरज गिरि को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा है।
पन्नूगंज थाना क्षेत्र की पीड़िता के पिता ने 28 जून 2018 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि शादी में जाने के लिए घर पर अकेली 16 वर्षीय उसकी बेटी के साथ नीरज गिरि ने छेड़खानी की। 26 जून को उसने आरोपी को अपने घर से निकलते देखा। अंदर जाने पर बेटी ने बताया कि नीरज ने उसके साथ दुष्कर्म किया और मुंह में दुपट्टा ठूंसकर धमकाया था।
मानसिक रूप से आहत होकर पीड़िता ने 27 जून को घर में रखी जहरीली दवा खा ली थी, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने घर में घुसकर दुष्कर्म करने, आत्महत्या के लिए उकसाने और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और 12 गवाहों के बयान समेत पत्रावलियों का अवलोकन किया। साक्ष्य की कमी को देखते हुए अदालत ने आरोपी नीरज गिरि (30) को सभी आरोपों से बरी कर दिया।