कनहर परियोजना के विस्थापितों ने मंगलवार को टाउन क्लब मैदान में सम्मेलन कर हक के लिए हुंकार भरी। शासन-प्रशासन पर विस्थापित हितों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी हाल में विस्थापन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा।
अखिल भारतीय वन जन श्रमजीवी यूनियन की राष्ट्रीय संयोजक रोमा ने कहा कि मनमाने तरीके से विस्थापन की प्रक्रिया ने तमाम लोगों को खुले आसमान के नीचे रहने की स्थिति पैदा कर दी है।
पर्यावरणीय मानकों का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। इन चीजों को परियोजना क्षेत्र के लोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
गंभीरा प्रसाद, शिव प्रसाद ने कहा कि आजादी के चंद वर्षों के बाद से ही जनपद के लोग विस्थापन का दंश झेल रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है।
फुलकुंवर देवी, सत्यदेव यादव ने कहा कि परियोजना निर्माण के नाम पर सरकार के लोग आदिवासियों-वनवासियों के हितों को कुचलने में लगे हुए हैं। कहा कि गरीब आदिवासियाें की भूमि पर कल-कारखाने तो लगाए गए लेकिन उसमें नौकरी बाहर के लोगों को दी गई।
शहीद बानो, प्रमीला देवी ने कहा कि सावित्री बाई फूले का जीवन सदैव दबे-कुचले समाज के हित के लिए समर्पित रहा। महिलाओं को उनके जीवन चरित से सीख लेनी होगी और हक के लिए आगे बढ़कर आवाज उठानी होगी।
रामअधार, जोगेंद्र ने भी विस्थापितों से एकजुटता का आह्वान किया। कहा अधिकार पाने के लिए आवाज बुलंद करनी ही होगी। राजेश कुमार ने ने भी संघर्ष की हुंकार भरी।
अंत में मांगों को लेकर एक ज्ञापन कनहर परियोजना के एसडीएम प्रेम प्रकाश अंजोर को सौंपा गया। मांगे न माने जाने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। संचालन सचदेव यादव ने किया।