कोन-विंढमगंज मार्ग पर रोरवा गांव में शनिवार की दोपहर सवारियों से भरी प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के अगले हिस्से की कमानी टूटने से बस पहाड़ी टिले से टकराकर पलट गई। हादसे में 24 लोग घायल हो गए। 16 घायलों का उपचार कोन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुआ। केंद्र पर डॉक्टर न होने पर फार्मासिस्ट ने उपचार किया। इससे नाराज लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
आसपास के लोगों ने सवारियों की मदद की। सूचना पर मौके पर पहुंची कोन पुलिस ने एंबुलेंस बुलाया और फिर घायलों को कोन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। उधर, घायल लल्लन कुमार (40) निवासी किशुनपुरवा, बरती देवी (50) निवासी पीपरा झारखंड, रोरवा निवासी नैना देवी (50), अखिलेश (30), रविशंकर (28), रोशन (25), सुग्री देवी (50), राजकुमारी निवासी बोकराखड़ी, करण (30) निगाई, विमल कुमार (30) मिश्री, सुनीता देवी (20) गायघाट, विकेश कुमार (13) ऱोरवा, लीलावती देवी (35), लगनी देवी (30), पनपती देवी (37) बोम, अखिलेश (30) निवासी रोरवा गंभीर रूप से घायल हुए। अन्य मामूली रूप से घायल सवारी दूसरे वाहन से अपने गंतब्य को रवाना हो गए। उधर कोन अस्पताल में प्राथमिक उपचार फार्मास्टि ने किया लेकिन जब घायलों को रेफर करने की बात आई तो पता चला कि डाक्टर कचरनवा से आ रहे हैं। कोन से महज करीब आठ किमी दूर कचनरवा अस्पताल से आने में डाक्टर को दो घंटे लग गए। उनके आने के बाद मरीजों को चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर किया गया। सीएमओ ने बताया कि सत्तापक्ष के एक विधायक के दबाव में कोन के डाक्टर का तबादला दूसरी जगह कर दिया गया।