सोनभद्र। शासन की मंशा के अनुकूल कुपोषितों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार उपलब्ध कराने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने आकस्मिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर छापेमारी कर दोषी कार्यकत्रियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी हैैै। सोमवार को सदर विकास खंड के आधा दर्जन आंगनबाड़ी केंद्रों पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने एक कार्यकत्री का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया हैैै। आलाधिकारी के कड़ा रुख अख्तियार करने से मातहतों में हड़कंप मच गया हैैै।
जमगाई गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर सुबह करीब दस बजे जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह दलबल के साथ पहुंची तो देखा केंद्र पर ताला लटक रहा था। अधिकारी ने काफी देर तक कार्यकत्री का इंतजार की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद आलाधिकारी टीम के साथ जैत, कैथी और परासी पांडेय में स्थित आगनबाड़ी केंद्र पर पहुंच कर बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के बारे में विधिवत जानकारी ली। इस दौरान कार्यकत्रियों में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। कार्यकत्री ने रजिस्टरों को दिखाया। छापेमारी की खबर आसपास के कार्यकत्रियों तक पहुंच गई। इस दौरान आलाधिकारी ने बच्चों से मिलने वाले पोषाहार के बारे में पूछा। हालांकि बच्चों ने कार्यकत्रियों की शिकायत नहीं की। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने बताया कि जमगांव के कार्यकत्री का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया गया हैैैैै। कहा कि शासन की मंशा अनुसार कार्य न करने वाली सीडीपीओ, कार्यत्रियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।