मिर्जापुर/सोनभद्र। मिर्जापुर जिला जेल में बंद कुछ अपराधियों के फेसबुक पर सक्रिय रहने और शूटर अविनाश यादव द्वारा जेल के भीतर की अपनी एक फोटो फेसबुक पर अपलोड करने की खबर बुधवार को ‘अमर उजाला’ में छपने के बाद जेल तथा जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने इसकी जांच कराने का निर्णय लिया है। जबकि जेल अधीक्षक का कहना है कि बंदी ने फेसबुक पर अपनी फोटो जेल में अपडेट न करके उस समय अपडेट की जब वह अदालत में पेशी पर गया था।
सूत्रों से पता चला है कि जेल का एक बंदीरक्षक, जो सोनभद्र के एक फरार शूटर का पिता है, बंदियों को मोबाइल, सिम और इंटरनेट की सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। कई दूसरे जेलकर्मी भी यह काम करते हैं। बीते जून महीने में जेल में पड़े छापे में कई मोबाइल और सिम बरामद हुए थे।
बंदियों द्वारा जेल से सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपने एकाउंट के संचालन के खुलासे से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बुधवार को ऊर्जांचल क्षेत्र के एक सपा नेता सहित दो लोगों ने अविनाश के एकाउंट से खुद को अलग (अनफ्रेंड) कर लिया। सूत्रों का कहना है कि मिर्जापुर जिला जेल में जेलकर्मियों की मिलीभगत से कैदियों तक मोबाइल, सिम और दूसरी सामग्रियां पहुंचाई जा रही हैं। इसमें फरार चले रहे सोनभद्र के एक शूटर के बंदीरक्षक पिता की भूमिका अहम है।
मिर्जापुर जेल में बंद शूटर अविनाश यादव जेल के भीतर से ही ही आपराधिक सिंडीकेट के संचालन में लगा हुआ है। गत जून माह में जिला प्रशासन की छापेमारी में मिर्जापुर जेल से कई मोबाइल, सिम बरामद हुए थे, जिसमें अविनाश के पास से भी आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। उधर, जेल अधीक्षक ने अपनी टीम के साथ शाम को कैदी बैरकों में चेकिंग अभियान चलाया।