सोनभद्र। जिले में मंगलवार को ताजियादारों ने पूरे ऐहतराम के साथ मोहर्रम मनाया। हसन-हुसैन की याद में जुलूस निकाल कर कर्बला में अलम को दफन किया गया। इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम पर मुस्लिम बंधुओं ने विभिन्न प्रकार के करतब दिखा कर लोगों को हतप्रभ किया। जुलूस के दौरान पुलिस महकमा मुस्तैद रहा।
सायं चार बजे राबर्ट्सगंज नगर पालिका पार्क में नगर के ताजियादार ताजियोें के साथ एकत्र हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में ताजियादार कर्बला के लिए रवाना हुए। इस दौरान लोग या हुसैन, या हुसैन का नारा लगाते हुए कर्बला की ओर बढ़ रहे थे। जगह-जगह युवाओं ने सीने पर से बाइक चलाने, सीने पर ईंट तोड़वाने सहित कई करतब दिखा कर लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने के लिए मजबूर कर दिया। जुलूस में ताजियादार एसोसिएशन अहले सुन्नत वल जमाअत के सदर रोशन खां, सदर मुस्ताक अहमद, मो. हिफाजत हुसैन, शेख मुन्नी भाई, एजाज कादरी, मुर्तुजा अंसारी, मकसूद अली आदि मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था में एसडीएम राजेंद्र तिवारी, एएसपी शंभूशरण यादव, सीओ अनिल यादव, कोतवाल डीपी शुक्ला जुलूस के साथ भ्रमण करते रहे।
बभनी प्रतिनिधि के अनुसार बभनी मोड़ पर स्थित ईदगाह में क्षेत्र के बड़होर, बभनी, चपकी, दरनखाड़, असनहर के ताजियादारों ने मंगलवार को अलसुबह से ही या हुसैन, या हुसैन के नारे लगाते हुए पहुंचे। मोड़ पर हुसैनी झंडों तथा छोड़ी बड़ी ताजियों को लेकर मिलान के लिए पहुंचे। जहां बड़होर के रहमान की सबसे लंबी 75 फुट की ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा। हजारों की संख्या में मुस्लिम एवं हिंदू भाइयों ने पहुंच कर लोगों के करतब को देखा। क्षेत्र से कुल 36 ताजिया तथा 18 अखाड़े के लोग एक दूसरे से मिलान कर ईदगाह में प्रवेश किए। प्रवेश के बाद जवान, बूढ़े, बच्चाें ने एक से बढ़ एक करतब दिखाए। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। थानाध्यक्ष मनोज पांडेय मय फोर्स एवं पीएसी के जवानों के साथ मौके पर डटे रहे। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख कासिम हुसैन, बभनी सदर तुहैल अंसारी, इम्तियाज अहमद, मोहम्मद आरिफ, बाबूराम गुप्ता, दिलमुहम्मद, अब्दुल कुद्दूस, मोहम्मद इकबाल शांति व्यवस्था में लगे रहे।
घोरावल प्रतिनिधि के अुनसार कस्बे और तहसील इलाके के गांवों में पूरी अकीदत और एहतराम के साथ पैगाबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत मातमी माहौल में मनाया गया। घोरावल के मुक्खा मोड़ पर बाजार की पांच ताजिया के साथ कुल नौ ताजियों का जमावड़ा हुआ। जहां देर तक लकड़ी खेल के कौतूहल पूर्ण करतब शाम तक दिखाए जाते रहे। अंजुमन अखाड़े के सदर मुहम्मद नईम की अगुवाई में उस्ताद जाहिर अली और नायब के सदर शकील मुन्ना की सरपरस्ती में कलाबाजों ने वाहवाही लूटी और तमाशबीनों को स्तब्ध कर दिया। शाम को जुड़िया कर्बला में ताजिये ठंडे किए गए, नमाजअता हुई और रोजा खोला गया। इलाके के रामपुर, बेलवनियां, डोरिहार, फुलवारी और पिड़रिया में निकली ताजिया वहीं अपने-अपने कर्बला पर ठंडे किए गए। कोतवाली प्रभारी भारतभूषण तिवारी भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ मौके पर डटे रहे।
चोपन प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बे के चौक से झंडा जुलूस उठा कर पूर्व निर्धारित मार्ग से होते हुए सदर लल्लन कुरैशी के घर होते हुए पुन: चौक पर पहुंचे। यहां से प्रतीकात्मक ताजियों को लेकर कर्बला ले जाकर दफन कर दिया। जुलूस में मो. आरिफ खां, डाक्टर मुन्ना, अनवर, खलील, नजमुद्दीन शामिल रहे। सलखन संवाददाता के अनुसार सलखन बाजार के छोटू खां के आवास से ताजियादारों ने ताजियों को उठा कर शिवल्ला टोला में स्थित कर्बला में दफन किया। रास्ते में जगह-जगह युवाओं ने लक्कड़ खेला। जुलूस में सदर पाचू नट, खुर्शीद अहमद, मुस्तफा, सलीम, अस्ताफ खां मौजूद रहे। कोन प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय थाना क्षेत्र में 64 ताजियादारों ने अपनी-अपनी मनमोहक ताजियोेें को कर्बला में दफन किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर थानाध्यक्ष अतुल सिंह मय फोर्स चक्रमण करते रहे।
दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार- मंगलवार को मुहर्रम पर मातमी धुन के साथ नगर में ताजिया जुलूस निकाला गया। मुर्हरम के दिन प्रमुख तिराहे पर मुस्लिम भाईयों द्वारा विभिन्न तरीके का करतब दिखाया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजामात किए गए थे। वहीं एसडीएम अभय कुमार पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेश शर्मा, कोतवाल कपिलदेव के अलावा काफी संख्या पुलिस एवं पीएसी के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। शाहगंज प्रतिनिधि के अनुसार- नगर एवं आस पास में मिला कर कुल 12 ताजिया राजपुर मार्ग से निकाली गई। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर काफी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवानों के साथ थानाध्यक्ष गजानंद यादव मौके पर डटे रहे।