सोनभद्र। समाजवादी पार्टी की जिला कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को पहली बार संगीनों के साये में हुई। जिला कार्यालय के बाहर और अंदर पीएसी एवं पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। कार्यालय का मेन गेट आंशिक रूप से खुला रहा। एक-एक कार्यकर्ता को पहचानकर ही अंदर जाने दिया गया। रेणुकूट की बैठक में हुई घटना की पुनरावृत्ति न हो। इसको देखते हुए एहतियात बरता गया था।
जनपद में शनिवार को न कोई वीआईपी आया था और न ही कोई बड़ी वारदात हुई थी। वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर भारी संख्या में आधुनिक हथियारों से लैस वर्दीधारी अंदर और बाहर मुस्तैद दिखे। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे किसी संभावित बड़ी घटना से निजात पाने के लिए भारी फोर्स तैनात की गई हो। दरअसल यह इंतजाम सिर्फ पार्टी में उपजे विवाद से निबटने और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए किया गया था। सपा कार्यालय पर जिला कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक हुई। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और लोकसभा राबर्ट्सगंज क्षेत्र के प्रभारी सत्यनारायण राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता राकेश, सांसद पकौड़ी लाल कोल, जिलाध्यक्ष श्याम बिहारी यादव, सदर विधायक अविनाश कुशवाहा, घोरावल विधायक रमेश दुबे कार्यालय पर मौजूद थे। बंद कमरे में पार्टी के यह नेता आपस में संगठन पर चर्चा कर रहे थे। कार्यालय के अंदर कोतवाली के दो दारोगा हर्षनाथ यादव और अखिलेश तिवारी हर गतिविधियों पर नजर रख रहे थे, तो कार्यालय के बाहरी हिस्से में तैनात पीएसी के जवान अंदर जाने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रख रहे थे। पिछले दिनों रेणुकूट में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में हुई मारपीट की घटना के बाद यह सख्ती बरती गई। पार्टी में आपस में उपजा विवाद रेणुकूट की बैठक में एक-दूसरे की गिरेबान तक पहुंच गया था। जमकर मारपीट हुई थी। बाद में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व जिलाध्यक्ष को पार्टी से निष्कासित कर दिया। ऐसे में कार्यकर्ता विरोध न करें इसको लेकर विशेष सतर्कता बरती गई थी।