सोनभद्र। जिले में तेजी से खिसक रहे भू-जल स्तर ने लोगों को सकते में डाल दिया है। प्रतिवर्ष करीब 12 से 20 सेमी की दर से भूजल में गिरावट हो रही है। तेजी से गिरते भू-जल स्तर के मामले में सबसे खराब स्थिति दुद्धी और नगवां ब्लॉक की है। सेमी क्रिटिकल जोन में दोनों ब्लॉक हैं। इसके बाद करमा, म्योरपुर, चोपन और घोरावल ब्लॉक में भी तेजी से भू-जल स्तर नीचे जा रहा है।
गिरते भूगर्भ जल स्तर के चलते पानी का संकट गहराता जा रहा है। दस दिन पहले जिले के 92 गांवों में ही पानी की किल्लत थी, जो अब 170 गांवों तक पहुंच गई है। यहां 248 टैंकरों की मदद से पानी पहुंचाया जा रहा है।
भूगर्भ जल विभाग के आंकड़ों की मानें तो भूगर्भ जल के सबसे खराब स्थिति में दुद्धी ब्लॉक और फिर नगवां हैं। 2023 की सूची में दोनों ब्लॉक को सेमी क्रिटिकल जोन में रखा गया है। इसके बाद करमा, म्योरपुर, चोपन और रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक में तेजी से भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसक रहा है। इन ब्लॉकों के वर्ष 2023 के प्री-मानसुन व पोस्ट-मानसुन के आंकड़ें चौकाने वाले हैं। इस आंकड़ें में सबसे तेजी से करमा ब्लॉक में प्री-मानसून में माइनस 3.45 सेमी तथा पोस्ट-मानसून में माइनस 7.11 सेमी भूगर्भ जल स्तर की कमी देखी गई है। जो अन्य ब्लॉकों की तुलना में सबसे अधिक है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2024 का भूगर्भ जलस्तर का आंकड़ा अभी नहीं आया है। भू-जल स्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, बावजूद लोग भूजल दोहन को लेकर सचेत नहीं हैं। इससे आगामी वर्षो में ज्यादा समस्या बढ़ सकती हैं।
केकराही में सबसे नीचे, रामगढ़ में ऊपर पानी
भू-गर्भ जल विभाग के आंकड़ों की बात करें तो करमा ब्लॉक के केकराही में 2023 के प्री-मानसुन के दौरान सबसे नीचे 37.70 मीटर नीचे पानी मिला। जबकि करमा ब्लॉक के जमगांव में सबसे ऊपर महज दो मीटर नीचे पानी पाया गया। जबकि पोस्ट-मानसुन के दौरान केकराही में 34.05 मीटर पर पानी मिला। वहीं चतरा ब्लॉक के रामगढ़ में सबसे ऊपर सिर्फ 0.66 मीटर की गहराई में पानी मिला। इस तरह से केकराही में प्री तथा पोस्ट मानसुन के दौरान सबसे नीचे जलस्तर पाया गया।
घोरावल व म्योरपुर में चल रहे सबसे अधिक टैंकर
घोरावल क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं होने से वहां पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है। मौजूदा स्थिति में 57 ग्राम पंचायतों में पानी की समस्या है, जहां टैंकर से आपूर्ति कराई जा रही है। वहीं म्योरपुर के 40 ग्राम पंचायतों में टैंकर से पेयजल आपूर्ति हो रही है। चोपन ब्लॉक के छह, दुद्धी के नौ, करमा के 16, कोन के 21 तथा रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के 21 ग्राम पंचायतों में टैंकर चलाए जा रहे हैं। कुल 170 ग्राम पंचायतों में 248 टैंकर से आपूर्ति हो रही है।
सोनभद्र के दुद्धी और नगवां ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जोन में हैं। करमा ब्लॉक में तेजी से भू-जल नीचे खिसक रहा है। 2023 के आंकड़ों में म्योरपुर, चोपन, घोरावल और रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक में भी भू-जल स्तर तेजी से खिसक रहा है। अभी 2024 के आंकड़े नहीं आए हैं।
- स्वप्निल राय, भूगर्भ जल विभाग-मिर्जापुर।