सोनभद्र। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला आपदा राहत समिति की बैठक में संभावित सूूखा से बचने के उपायों पर चर्चा की गई। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन आपदा से बचने के उपाय की जानकारी होने पर नुकसान को कम जरूर किया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों से सूखा से बचने, सूखा के प्रभाव को कम करने के लिए एक सप्ताह के अंदर कार्ययोजना मांगी है। उन्होंने कहा कि वर्षा के पानी का अधिकतम उपयोग करने, जल संरक्षण करने, पानी के बहाव को कम करने, पानी की परंपरागत स्रोतों का जीर्णोद्घार करने, अवक्रमित वन भूमि, वनों की पुर्नस्थापना करने, मिट्टी की नमी को बनाये रखने, किसानी के साथ ही अन्य प्रकार के स्थानीय रोजगारों को बढ़ावा देने की जरूरत है। स्वयं सहायता समूहों का गठन करके जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता करने, सूखा प्रबंध योजना बनाने, सूखा प्रवण क्षेत्र का चिन्हांकन करने, सूखा की स्थिति का अनुश्रवण करने आदि से संबंधित दीर्घकालीन योजना व तात्कालिक उपायों से संबंधित राहत पहुंचाने संबंधी कार्य योजना एक सप्ताह में तैयार की जाए। डीएम ने पंचायत राज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, नगर निकाय, ऊर्जा, सिंचाई, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पशु पालन, खाद्य एवं रसद विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को दायित्वबोध कराते हुए कहा है कि स्थानीय जरूरत व लक्षणों के अनुरूप कार्ययोजना शासनादेशानुसार बनाकर प्रस्तुत किया जाए।
वर्ष-2019 में संभावित सूखा के लिए कार्ययोजना तैयार करने संबंधी सभी बिंदुओं को एडीएम ने बिंदुवार प्रस्तुत किया। बैठक में सीडीओ अजय कुमार द्विवेदी, सीएमओ डॉ. एसपी सिंह, एसडीएम सदर यमुनाधर चौहान, दुद्धी डॉ. कृपा शंकर पांडेय, घोरावल वीपी तिवारी, डिप्टी कलेक्टर सुशील यादव, डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, एक्सईएन सिंचाई जीबी पांडेय, जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय, डीएसओ राकेश तिवारी मौजूद रहें।