शक्तिनगर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के कोयला उद्योग में कार्यरत महासंघ के उपाध्यक्ष एवं एनसीएल के प्रभारी मुन्नीलाल यादव ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन लक्ष्य हासिल करना श्रमिकों के ईमानदारी से किए गए अथक प्रयास का नतीजा है। इसके लिए उन्हें पुरस्कृत किया जाना चाहिए। वह बृहस्पतिवार को स्थानीय संगठन कार्यालय पर पत्रकारों से मुखातिब थे। बीएमएस नेता का कहना है कि यह सब श्रमिक साथियों के अथक परिश्रम एवं सहयोग से संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि कंपनी में कार्यरत श्रमिक अपने दायित्वों को बखूबी समझते हुए अपना भरपूर योगदान देते हैं। उन्होंने कोल प्रबंधन को सुझाव दिया कि बैकलॉग को दूर कर कर्मचारियों को अच्छे अनुपात में पदोन्नति दी जाए, ताकि आगामी 2019-20 के लक्ष्य को भी सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके। उन्होंने एनसीएल की खदानों में हो रही दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने मशीनों के रखरखाव, सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ ही मैनपावर पर अधिक ध्यान की जरूरत बताया। उनका कहना था कि आउटसोर्सिंग पर निर्भरता देर -सवेर कंपनी के लिए घातक हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ का प्रयास है कि भविष्य की सभी खदानों में अधिक से अधिक कर्मचारियों की भर्ती हो और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बताते चलें कि एनसीएल इस साल के लिए निर्धारित लक्ष्य को चार दिन पूर्व पूरा करते हुए कोल इंडिया के सौ मिलियन टन क्लब में शामिल हो गया। वार्ता के दौरान बीकेकेएसएस के महामंत्री पीके सिंह, कोषाध्यक्ष संजय मिश्रा, कार्यालय मंत्री डीएन सिंह, सह कार्यालय मंत्री जोगेंद्र सिंह, मुख्यालय शाखा के अध्यक्ष प्रयाग लाल वैश्य, सचिव पंकज राय आदि मौजूद रहे।