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158 आवासों पर अवैध कब्जा करने वालों को खदेडने की तैयारी

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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज में करोड़ों की लागत से बने 958 कांशीराम शहरी आवासों में कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा करने का मामला संज्ञान में आने पर डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। अवैध ढंग से रह रहे लोगों को खदेडने के लिए डीएम ने सदर एसडीएम की अगुवाई में टीमे गठित कर दी है। उन्होंने नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) के परियोजना निदेशक से अन्य नगरों में बने आवासों में अवैध ढंग से रह रहे लोगों की भी सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बताते चले कि वर्ष 2008 में बसपा सरकार ने जनपद को प्रथम चरण में 1500 आवास आवांटित किए थे। इनमें से राबर्ट्सगंज में 708 आवास, घोरावल में 264, चोपन में 120, ओबरा 192, दुद्धी में 216 आवास का निर्माण हुआ था। दूसरे चरण में 600 आवास मिला, इसमें राबर्ट्सगंज 108 आवास, घोरावल 108, चोपन में 108, पिपरी में 168 और दुद्धी में 108 आवास बनाए गए। तीसरे चरण में 150 आवास मिला जो सिर्फ राबर्ट्सगंज में बना। इन आवासों को शहरी क्षेत्रों में गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले व्यक्तियों, दिव्यांगों और असहयों को देना था। लेकिन आठ लोगों ने राबर्ट्सगंज नगर के कांशीराम आवासों का ताला तोड़ कर अवैध कब्जा कर लिया है। वहीं करीब डेढ़ सौ लोगों ने खुद के नाम से आवास एलाट कराकर किराए पर दूसरे को दे दिया है। इसका खुलासा पूर्व केे डीएम पीके उपाध्याय ने सदर एसडीएम से कांशीराम आवास में रहने वालों का सत्यापन कराने पर हुआ था। मामला संज्ञान में आने पर डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने आवासों को खाली कराने के लिए टीम बना दी है। आवासों को किराए पर देने वालों को अपात्र मानते हुए उनका आवास निरस्त कर जरूरतमंदों को आवांटित किया जाएगा। डूडा के परियोजना निदेशक ने वीके निगम ने कहा कि सदर एसडीएम के नेतृत्व में आवासों को खाली कराने के लिए टीम बनी है। इसमें सिटी सीओ अभिषेक सिंह, नपा के ईओ भी शामिल है। कहा कि जल्द ही आवासों में अवैध ढंग से रह रहे लोगों को हटाने का कार्य शुरू होगा।
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