सोनभद्र/सलखन। राबर्ट्सगंज ब्लाक के ग्राम पंचायत मारकुंडी और महुआंव कला की सीमा पर स्थित बलुई बंधी बृहस्पतिवार को दोपहर बाद करीब दो बजे पानी का दबाव नहीं झेल सकी और क्षतिग्रस्त हो गई। प्रशासन ने बोल्डर आदि गिरवाकर उसकी मरम्मत कराने का प्रयास कराया लेकिन प्रयास विफल रहा और शाम करीब साढ़े पांच बजे बंधी करीब 25 फीट के आकार में टूट गई। इससे बंधी के आसपास के पांच गांव जलमग्न हो गए हैं। गनीमत रही कि बंधी में दरार के दौरान ही इन गांवों के तमाम लोग घरों को खाली कर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। कई घंटे बीतने के बावजूद पीड़ितों तक राहत की कोई व्यवस्था नहीं पहुंची थी। डीएम अमित कुमार सिंह, एसपी आरपी सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। शाम को बंधी टूटने के बाद उस मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। मौके पर एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है और मरम्मत कार्य में जुट गई है।
बलुई बंधी के पश्चिमी छोर पर कुछ लोगों ने बृहस्पतिवार की अलसुबह होल देखा तो इसकी जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दी, लेकिन उसकी मरम्मत का कोई प्रयास नहीं किया गया। सुबह करीब 10 बजे तक बंधी में बड़े होल से पानी निकलने लगा तो जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम अमित कुमार सिंह, एसडीएम सदर शादाब असलम, एसपी आरपी सिंह समेत सिंचाई और बंधी विभाग के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने होल को बंद करने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली और दिन में दो बजे करीब 20 फीट के आकार में बंधी टूट गई। उसके टूटने से महुआव खुर्द, पईका, कन्हरिया, पछरहा और केवटा गांव जलमग्न हो गए। इससे रहवासियों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में पांचोगनीमत रहा कि इस घटना से किसी की जान नहीं गई। बंधी से पानी का रिसाव देख आसपास के लोग मारकुंडी ग्राम पंचायत में स्थित पहाड़ी पर परिवार व मवेशियों के साथ पनाह ले चुके थे। बंधी के टूटने से इन गांवों में फसल भी जलमग्न हो गई है। पहाड़ी पर टेंट लगाकर पनाह लेने वाले करीब दो दर्जन से अधिक परिवार जिला प्रशासन के राहत का इंतजार करते रहे लेकिन शाम साढ़े छह बजे तक कोई राहत नहीं पहुंची थी। बंधी टूटने से महुआंव खुर्द गांव के 50, पईका के एक सौ, कम्हरिया के 75, पथरहा के 35 व केवटा के 40 परिवार प्रभावित हुए हैं। इस बंधी से निकली माइनर के जरिए कुरहुल, मीतापुर, करगरा, सलखन, लालगंज, पकरहिवा, महुआव कला, महुआव खुर्द, भभाईच बेलकप, बघनारी, गंगटी, पईका, पथरहा, केवटा, ओबरी, कम्हरिया व पथरहा समेत 50 से अधिक गांवों के 17 हजार हेक्टेअर खेतों की सिंचाई होती थी। बंधी प्रखंड के प्रभारी एक्सईएन घनश्याम बाबू पांडेय ने बताया कि बंधी डूबने से करीब 80 हेक्टेअर खेत प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने करगरा-मीतापुर मार्ग को बंद करा दिया है। लोगों को कुरहुल की ओर से घूमकर जाने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर कई थानों की पुलिस संबंधित मार्ग पर तैनात की गई है।