सोनभद्र। सहायक अभिलेख अधिकारी ओबरा ने बताया कि शासनादेशानुसार ग्राम-डुमहर, परगना-बड़हर, तहसील-घोरावल, सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया में शामिल किया गया था। इस ग्राम में त्रुटिपूर्ण ढंग से ग्राम की सीमा निर्धारित करने तथा उसी आधार पर भू-मापन की कार्यवाही करने के फलस्वरूप करीब 75 प्रतिशत भूखंडों पर कब्जे के विपरीत अन्य कृषकों का नाम पुनरीक्षित अभिलेखों में अंकित कर दिये जाने से विवाद की स्थिति थी। इसको देखते हुए यहां नये सिरे से सर्वेक्षण कार्यवाही शुरू करने की स्वीकृति दी गयी है।