माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों का मानदेय बंद करने के विरोध में माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा ड्यूटी बहिष्कार का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम और डीआईओएस को सौंपा।
माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने कहा कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा छह फरवरी से शुरू होगी। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सिर्फ शिक्षक अध्यापन कार्य करेंगे, लेकिन बोर्ड परीक्षा ड्यूटी, मूल्यांकन कार्य के साथ ही सरकार के किसी भी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। कहा कि असहयोग के प्रमुख कारण प्रदेश सरकार द्वारा वित्त विहीन शिक्षकों का मानदेय अकारण बंद किया जाना है। इसके अलावा परीक्षा का पारिश्रमिक प्रति पाली 36 रुपये है। कई वर्षों से शिक्षकों को भुगतान न होना, वित्त विहीन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा युक्त नियमावली पर बार-बार झूठा आश्वासन देना, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, प्रबंधकों को संशय की दृष्टि से देखना। हर कदम पर उपेक्षा करना, एसटीएफ लगाने की धमकी देकर छात्र-छात्राओं एवं परीक्षकों में भय का वातावरण बनाना शामिल है। ज्ञापन देने वालों में जितेंद्र सिंह, चंद्रमोहन शुक्ल, मोहन सिंह, विजय नारायण यादव, भुवनेश्वर प्रसाद, देव प्रकाश पांडेय, रामचंद्र विश्वकर्मा, आदित्य नारायण, मार्तंड देव पांडेय, कृष्ण कुमार सिंह, रामलाल मौर्य, सतीश सिंह आदि शामिल रहे।
उधर, बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में डीएम ने केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक की। कहा कि जिन केंद्रों पर नकल होती पकड़ी गई वहां के केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर पुलिस की पैनी नजर होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक हरहाल में नकलविहीन परीक्षा कराएं। बीएसए और डीआईओएस के मांग के मुताबिक कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था के साथ ही रिजर्व कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था कराएं। छह फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा 12 मार्च तक चलेगी। इसमें जिले के 186 स्कूलों के 50 497 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में 43 राजकीय कालेज, 11 अशासकीय सहायता प्राप्त व 132 मान्यता प्राप्त स्कूलों के बच्चें शामिल होंगे। राबर्ट्सगज में 28, घोरावल में 12 व दुद्धी तहसील क्षेत्र में 17 परीक्षा केन्द्र बने है। चार उड़ाका दल परीक्षा केंद्रों पर भ्रमण कर जायजा लेता रहेगा। 57 परीक्षा केन्द्रों के माध्यम से होने वाली परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका जमा करने के लिए 3 संकलन केन्द्र बनाए गए है। जिलों को तीन जोन 20 सेक्टरों में बांटा गया हैं। जिले के 18 संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों व 03 अति संवेदनशील केन्द्रों पर खास नजर होगी। अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी और जिला विद्यालय निरीक्षक राजशेखर सिंह ने कहा कि नकलविहिन परीक्षा कराने का पूरा इंतजाम कर लिया गया है। एएसपी अरुण कुमार दीक्षित, बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल आदि मौजूद रहे।