सोनभद्र। जनपद के चिह्नित 31,160 किसान ऋण माफी योजना का लाभ पाने का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक एवं तहसील का रोजाना चक्कर भी लगा रहे हैं, लेकिन योजना का लाभ मिलता नहीं दिख रहा। दोबारा जो किसान ऋण माफी योजना के दायरे में आने के लिए आवेदन कर रहे हैं, प्रशासनिक स्तर से उन किसानों का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
सूबे में सत्ता परिवर्तन होते ही प्रदेश सरकार ने किसानों की समस्याओं को दूर करने में जुट गई। कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी वादों को पूरा करते हुए किसानों का एक लाख तक ऋण माफ करने की घोषणा किया। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जनपद के लगभग एक लाख 93 हजार किसानों में से उन किसानों को चिह्नित कराया जो बैंकों से कर्ज लिए हुए थे। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि ऋण माफी योजना के प्रथम चरण में एक लाख रुपये का बैंक से कर्ज लेने वालों में लघु एवं सीमांत 35 हजार किसान पात्र पाए गए थे। जिनका कर्ज माफ किया गया था, लेकिन दोबारा कई किसानों ने दावा किया कि वह भी इस योजना के पात्र है। ऐसे में जांच करने पर पता चला कि बैंकों से लगभग 66,160 किसानों ने विभिन्न बैंकों से कर्ज लिया है। ऐसे में योजना के दायरे में न आने वाले 31,160 किसान शामिल हैं। बताया कि इन किसानों के लिए शासन स्तर से दोबारा प्रारूप पर आवेदन करने का अवसर दिया गया है। अगर कोई किसान प्रारूप पर शिकायत करता है कि वे लोग पात्र हैं, तो उनका बैंक, राजस्व विभाग की ओर से सत्यापन कराया जाएगा। इसमें किसान पात्र पाए गए, तो उनका भी कर्ज माफ किया जाएगा।