अनपरा। रविवार को होने वाले लोकसभा चुनाव के अंतिम दौर के मतदान को लेकर उत्साहित मतदाता ऊर्जांचल में व्याप्त क्षेत्रीय मुद्दों के गायब होने से हताश व निराश नजर आए।
लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में होने वाले मतदान को लेकर मतदाता भले की उत्साहित हो लेकिन चुनाव से क्षेत्रीय मुद्दे गायब होने से रहवासी निराश हैं। मतदाता बताते हैं कि ऊर्जांचल के स्थापित दर्जनों औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत हजारों मजूदरों को मिलने वाली मजदूरी व क्षेत्र में व्याप्त प्रदूषण, शुद्ध पेयजल की समस्या, समुचित इलाज का अभाव व विस्थापन जैसे कई समस्याओं को किसी भी पार्टी के द्वारा नहीं उठाया गया। जबकि चुनाव में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर राजनीतिक दल अपने जिम्मेदारियों से पल्ला झाडने मे लगे है। मतदाताओं ने बताया कि औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत मजदूर देश को विकास की नई दिशा देने में दिन रात एक किये हुए हैं जबकि इन मजदूरों के हितों का ख्याल न तो औद्योगिक संस्थान रख रहे न ही कोई राजनीतिक पार्टी। वहीं प्रदूषण के क्षेत्र में लगातार नित्य नये कीर्तिमान स्थापित कर रहे ऊर्जांचल के औद्योगिक संस्थान द्वारा फैल रहे प्रदूषण भी क्षेत्रीय मुद्दों से गायब है। गर्मी के दिनों में क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर उत्पन्न हो रही शुद्ध पेयजल समस्या पर राजनीतिक दल द्वारा कोई रूचि नहीं ली गई। क्षेत्रीय मुद्दों में सुमार विस्थापन भी पार्टियों के एजेंडे से बाहर ही दिख रही है। ऊर्जांचल में इलाज के लिए समुचित अस्पताल के अभाव में लोगों को 200 किमी की यात्रा कर वाराणसी जाना पड़ता है। जिससे लोक सभा चुनाव में मतदान करने वाले मतदाता निराश है वहीं पार्टियों की बेरूखी से लोग हताश नजर आ रहे हैं। बुद्धिजीवियों का कहना है कि बदलते दौर के साथ लोकसभा चुनाव विकास की जगह धर्म जाति के आधार पर लड़ा जा रहा है।