सोनभद्र। जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा के तहत दस हजार तालाब खोदे जाएंगे। यह निर्णय मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में पानी की व्यवस्था संबंधी समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम में लिया गया। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने बैठक में शुद्ध पेयजल के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल तथा जल संरक्षण के लिए समयबद्ध तरीके से कारगर कदम उठाए जाएं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समूहों को प्रशिक्षित करके आईआईटी इंजीनियर द्वारा सस्ता व सरल तैयार किये गये फिल्टर के प्रयोग से शुद्ध पेयजल के इस्तेमाल पर जोर दिया जाय। मनरेगा के तहत जल संरक्षण के निमित्त कम से कम दस हजार छोटे-बड़े तालाबों का सुदृढ़ीकरण कराकर जिले के वर्षा जल को ज्यादा से ज्यादा संरक्षित किया जाए। प्रशिक्षण प्राप्त कर नई ऊर्जा के साथ एनआरएलएम के समूहों के पदाधिकारी अपने दायित्वों को निभाएं। डीएम ने बताया कि पिछले साल जिले में एक हजार तालाबों का सुदृढ़ीकरण, खुदाई का नतीजा है कि जिले में जल संरक्षण की वजह से अभी भी ज्यादातर हैंडपंपों में पानी की उपलब्धता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल के साथ ही जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिले में आगामी बरसात का पानी संचित करने के निमित्त दस हजार छोटे-बड़े तालाबों की खुदाई, मरम्मत करायी जाए। जिले के लघु व सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों के खेतों में मनरेगा के तहत उपयुक्त एक-एक तालाब खुदाई कराने के लिए कार्य नियमानुसार कराया जाए, जिससे जिले में जल संरक्षण करके सिंचाई के लिए भी पानी उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि आईआईटी इंजीनियर बॉम्बे की सरल व सस्ती तकनीक से काफी कम पैसे में तैयार किये गये शुद्ध पेयजल फिल्टर को देखा और कह ाकि इस तकनीक को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समूहों को जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर तैयार कराया जाए, ताकि कम पैसे का फिल्टर सुगमता के साथ लोगों को जरूरत के मुताबिक उपलब्ध हो सके। बैठक में डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, डीसीएनआरएलएम करूणापति मिश्र, अधिशासी अभियंता जल निगम फणींद्र राय, सभी बीडीओ समेत अन्य मौजूद रहे।