सोनभद्र। राबट्र्सगंज से मिर्जापुर जा रहे भाजपा नेता जाम में फंसने के बाद अफसर को फोन पर नसीहत देने में उलझ गए। फोन पर अफसर और भाजपा नेता के बीच कहासुनी के बाद फोर्स हिंदुआरी पहुंची तो वह नहीं मिले। वहीं इस प्रकरण को लेकर भाजपा के अन्य कार्यकर्ता चटकारे लेकर दिन भर चौक चौराहे पर चर्चा करते रहे।
बुधवार की रात 10 30 बजे राज्यसभा सांसद रामसकल मिर्जापुर के रहने वाले भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य मनोज श्रीवास्तव के साथ मिर्जापुर जा रहे थे। हिंदुआरी से पहले ट्रकों की लंबी लाइन लगी थी। सांसद का वाहन किसी तरह से उल्टे साइड से हिंदुआरी पहुंचा तो पुलिसकर्मी वहां मिले। सांसद रामसकल के मुताबिक गाड़ी अंदर जाने और जाम लगने की सूचना देने के लिए उन्होंने एसपी को दो बार फोन मिलाया तो काल डायवर्ट था। उनके साथ प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य मनोज श्रीवास्तव ने फोन मिलाया तो दो बार प्रयास करने पर पीआरओ ने फोन उठाया। उनकी एसपी से नार्मल बात हुई थी। कप्तान ने भी विंध्याचल मेले का हवाला देते हुए वाहनों को रोकने की बात कही थी। उनकी सिर्फ इतनी बात हुई की पहले तो कभी वाहन नहीं रोके गए। इसके बाद उनकी कोई बात नहीं हुई। उनके बारे में सभी लोग जानते हैं वह किसी से तल्ख आवाज में बात ही नहीं करते। हां थोड़ी देर बाद मनोज श्रीवास्तव के मोबाइल पर एसपी का फोन आया और दोनों लोगों में बातचीत हुई थी। मनोज का एसपी से कहना था कि ओवरलोड वाहन सड़क पर बेतरकीब ढंग से खड़े हैं। पुलिस क्या कर रही है। इससे सरकार की बदनामी हो रही है। वहीं एसपी किरीट राठोड ने कहा कि सूचना मिली कि कुछ लोग ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से उलझ रहे हैं। इसकी सूचना मिलने पर वह फोर्स के साथ वहां पहुंचे तो कोई नहीं मिला। कोतवाल को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। सांसद से फोन पर बात होने के बाद एसपी का पक्ष जानने के लिए मैसेज भेजने के साथ ही कई बार उनका सीयूजी मोबाइल मिलाया गया मगर फोन पीआरओ ने उठाया। उनका कहना था कि साहब मीटिंग में हैं अभी बात नहीं हो सकती।