सोनभद्र। मानदेय काटे जाने से क्षुब्ध माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों ने गुरुवार को आदर्श इंटर कालेज राबर्ट्सगंज में बैठक की। यहां यूपी बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के बहिष्कार का निर्णय लिया। बैठक में बहिष्कार की रूपरेखा तैयार की गई। इसके बाद कालेज परिसर में ही विरोध प्रदर्शन किया गया और प्रदेश सरकार पर वित्त विहीन शिक्षकों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा उत्तर प्रदेश के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशन में शिक्षकों ने आंदोलन के लिए तैयारी कर ली है। वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय काटे जाने व आगामी बजट में मानदेय की व्यवस्था न किए जाने को लेकर शिक्षकों ने हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बहिष्कार का निर्णय लिया है। डॉ. विजेंद्र सिंह ने कहा कि पिछली सरकार ने थोड़ा ही सही कुछ तो मानदेय वित्त विहीन शिक्षकों को दिया था। लेकिन इस सरकार में वह भी खत्म कर दिया गया। बजट में भी उसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बहिष्कार हर हाल में सफल किया जाना चाहिए। महासभा के जिलाध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बोर्ड परीक्षाओं की कापियों के मूल्यांकन का बहिष्कार किया जाएगा। दोनों केंद्रों पर शिक्षक दो भाग में होकर धरना देंगे। न तो मूल्यांकन स्वयं करेंगे और न ही किसी को करने देंगे। बैठक में सतीश कुमार सिंह, बीएन यादव, गिरिजेश चौबे, दयाशंकर विश्वकर्मा, प्रवेश यादव, जितेंद्र सिंह, राम अवध कुशवाहा, नंदलाल शुक्ला, रमाकांत शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद पांडेय, गणेश प्रसाद त्रिपाठी, बृजेश मौर्य मौजूद रहे।