सोनभद्र। जिला जेल गुर्मा के बंदियों ने जेल प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। बंदियों के शिकायती पत्र को गंभीरता से लेते हुए डीएम पीके उपाध्याय ने सदर एसडीएम विशाल यादव को मामले की जांच कराने का आदेश दिया है। नायब तहसीलदार पवन सिंह मामले की जांच कर अविलंब उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देंगे।
एक जून 2017 को जिला कारागार गुर्मा में निरुद्ध राजकुमार, सुखराम यादव, रामू यादव, सुखराम यादव, रामबली, दिनेश कुमार, धर्मेंद्र कोल समेत अन्य कैदियों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया कि जेल प्रशासन कैदियों के भोजन में कटौती कर रहा है। जबरदस्ती बंदियों से काम कराया जा रहा। रात में बिजली कटने पर जेनरेटर से बैरकों में बिजली आपूर्ति नहीं की जाती। काम के बदले बंदियों को पारिश्रमिक तक नहीं दिया जा रहा। इतना ही नहीं जेल अस्पताल से गंभीर रोगों से पीड़ित बंदियों को बेहतर उपचार कराने के लिए रेफर नहीं किया जाता। कई बैरक खाली होने के बाद भी एक-एक बैरक में करीब सौ कैदियों को रखा गया है। बंदियों से मुलाकात कराने के नाम पर मुलाकातियों से वसूली की जा रही। जेलकर्मी उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने पर बंदियों को प्रताड़ित करने की धमकी देते है। नायब तहसीलदार पवन सिंह का कहना है कि जल्द ही बंदियों के शिकायती पत्र की निष्पक्ष ढंग से जांच कर उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। उधर डिप्टी जेलर रमाकांत दोहरे का कहना है कि बंदियों की ओर से लगाया गया आरोप निराधार है।