सोनभद्र। शहरी इलोाकों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में मत प्रतिशत अधिक रहा। दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में 83 प्रतिशत तक मतदान हुआ। कई बूथों पर समय सीमा समाप्त होने के एक डेढ़ घंटे बाद तक कतार लगी रही। वहीं ओबरा जैसी बड़ी आबादी वाली जगह पर महज 21 से 27 फीसदी लोगों ने ही मताधिकार का प्रयोग किया। यह हालत तब थी जब यहां मतदाता जागरूकता को लेकर कई दिनों तक अभियान तो चलाया ही गया। आदर्श बूथ, सेल्फी प्वाइंट के जरिए भी मतदाताओं को बूथ तक बुलाने की कोशिश की गई।
बभनी/ओबरा/विंढमगंज प्रतिनिधि के मुताबिक बभनी इलाके के असनहर में बूथ संख्या 154 पर साढे पांच बजे तक मतदान चला। यहां 64.10, तेंदुअल में बूथ संख्या 199 पर 83.06, हथियार में बूथ संख्या 109 पर 81, मचबंधवा में बूथ संख्या 177 पर 73.28, मुनगाडीह में बूथ संख्या 183 पर 72.83, रहरियाडांड़ में बूथ संख्या 184 पर 76.14, बुथ संख्या 185 पर 78.75, परसाटोला में बूथ संख्या 186 पर 70.22, बहेराडोल में बूथ संख्या 192 पर 70.20, अहिरबुड़वा में 75 प्रतिशत, चपकी में बूथ संख्या111 पर 77.84, अरझट में बूथ संख्या 89 और 90 पर 71, भंवर में बूथ संख्या101 पर 70 प्रतिशत ने मतदान किया। इसी तरह बभनी में बूथ संख्या 159 पर 59.7, बूथ संख्या 160 पर 60.26, बूथ संख्या 161 पर 60.05, बूथ संख्या 162 पर 59.87, बूथ संख्या 163 पर 56.60, सतबहनी के बूथ संख्या 165 पर 62.13, बूथ संख्या 166 में 63.85, बरवाटोला में बूथ संख्या 167 में 61.31, खोतोमहुआ में बुथ संख्या 169 में 68.49 प्रतिशत वोट पड़े।
झारखंड और छत्तीसगढ़ सीमा से सटे विंढमगंज परिक्षेत्र में भी खूब वोटिंग हुई। बरखोरहा में 76, धोरपा में 84, पकरी में 73, बूटबेढ़वा में 62, हरनाकछार में 61, सुखड़ा में 70.3, केवाल में 64, मूड़ीसेमर में 77, मेदनीखांड़ में 78.4, धरतीडोलवा में 65, घिवही में 60 प्रतिशत वोटरों ने अपने अधिकार का प्रयोग किया।
इसके विपरीत ओबरा में सेक्टर एक स्थित प्राथमिक विद्यालय में बूथ नंबर 43 पर महज 25.10 प्रतिशत, बूथ नंबर 48 पर 27.25 प्रतिशत, ओबरा इंटर कालेज में बूथ नंबर 51 पर 21, बूथ नंबर 52 पर 23.08 और राजकीय कन्या इंटर कालेज में बूथ नंबर 65 पर महज 24.47 प्रतिशत ही वोट पड़ पाया। कुछ यहीं हाल अनपरा परियोजना सहित अन्य परियोजना कालोनी, कस्बों का रहा।