सोनभद्र। परिषदीय विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना को और प्रभावी करने के लिए उसकी निगरानी प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है। पहले सिर्फ एमडीएम खाने वाले बच्चों की संख्या ही शिक्षकों को भेजनी पड़ती थी। अब उन्हें मोबाइल एप के जरिये सभी बच्चों का हस्ताक्षर एक-एक कर निदेशालय को भेजना होगा। ऐसे में उन क्षेत्रों के अध्यापकों को परेशानी झेलनी होगी, जहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या होगी। परिषदीय विद्यालयों में केंद्र सरकार की मध्याह्न भोजन योजना संचालित है। इस योजना के तहत विद्यालय में उपस्थित होने वाले प्रत्येक बच्चे को मिड डे मील देना है। शिक्षकों को पहले सिर्फ यह रिपोर्ट देनी होती थी कि कितने बच्चे उपस्थित हुए, जिन्होंने दोपहर का भोजन खाया। लेकिन अब सरकार ने इस योजना पर और सख्ती कर दी है। अब बच्चों को भोजन कराने के साथ ही उनका हस्ताक्षर भी मोबाइल ऐप के जरिए भेजकर रिपोर्टिंग करनी होगी। ऐसा न करने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। शिक्षकों को मोबाइल पर बेसिक शिक्षा विभाग से उपलब्ध कराए गए ऐप को इंस्टाल करना होगा और फिर उस पर विद्यालय का नाम, शिक्षकों का नाम, हस्ताक्षर और फिर बच्चों का नाम, हस्ताक्षर लोड तो करना होगा ही साथ ही वीडियो कॉल के जरिए बच्चों को भोजन करते समय की तस्वीर भी कंट्रोल रूम को दिखानी पड़ेेगी। इसके लिए प्राथमिक के लिए पहले कक्षा एक से पांच तक का अलग और छह से आठ तक का अलग ग्रुप बनेगा। शिक्षकों का ग्रुप अलग होगा, जिस पर सारी गतिविधियां लोड करनी होंगी। पहले एमडीएम खाने वाले हर बच्चों का प्रतिदिन रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराया जाता है, जिसमें एक से दो घंटे समय लगता है। अब ऐप डाउनलोड कर सभी अध्यापकों व बच्चों की उपस्थिति भी देना होगा। इससे शिक्षकों का काफी समय जाएगा और पठन-पाठन प्रभावित होगा। जिन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या होगी, वहां शिक्षकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी।