सोनभद्र। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश शासन की ओर से समुदाय आधारित पाइप पेयजल योजना के संचालन, अनुरक्षण संबंधी कार्यशाला शुकवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। सीडीओ महेंद्र मिश्र ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। यहां उन्होंने कहा कि जिले के लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन से नामित एजेंसी स्मेक के पदाधिकारी कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करें। एजेंसी के पदाधिकारी जिले के तहसील व ब्लाक स्तरीय अधिकारियोें से समन्वय बनाकर जमीनी हकीकत के अनुसार कार्ययोजना बनाएं, ताकि जिले के सभी क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। दो साल के अंदर शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल जिले के सभी क्षेत्रों में उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाकर सर्वे करें। शासन से नामित एजेंसी स्मेक के पदाधिकारी जिले के तहसील स्तरीय, ब्लाक स्तरीय, सिंचाई, जल निगम आदि से समन्वय बनाकर कार्य युद्ध स्तर पर करें, ताकि इस योजना को सफलता के लिए कार्ययोजना बनाकर योजना की क्रियान्वयन के लिए जल्द से जल्द कार्य किया जाय। एजेंसी स्मेक के पदाधिकारियों ने प्रोजेक्टर के जरिए बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की समस्या एवं जल गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों में पाइप पेयजल योजनाओं के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। जल निगम के केके दूबे ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यशाला में प्रशिक्षु आईएएस एसडीएम मानिकनंदन, एसडीएम सदर शादाब असलम, डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, डीपीआरओ आरके भारती, जल निगम के एक्सईएन आदि मौजूद रहे।